Saryu Sandhya News

अफगान तालिबानी सैनिकों द्वारा पाकिस्तानी रेंजरों की पैंट उतारने का वीडियो वायरल: ‘93,000’ ट्रेंडिंग पर 93,000 पोस्ट्स, सोशल मीडिया पर हंगामा

नई दिल्ली/काबुल, 19 अक्टूबर 2025 (विशेष संवाददाता): अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया है, लेकिन इस बार जंग सिर्फ हथियारों की नहीं, बल्कि अपमान की भी हो गई है। तालिबानी सैनिकों द्वारा पाकिस्तानी रेंजरों (सीमा सुरक्षा बल) की कथित पैंटें उतारकर परेड कराने का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है। यह घटना दुर्लभ सीमा संघर्ष के बाद सामने आई, जहां पाकिस्तानी सैनिकों ने कथित रूप से अपनी चौकियों छोड़ दीं। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर ‘#93,000’ हैशटैग ट्रेंडिंग हो गया है, जिसमें 93,000 से अधिक पोस्ट्स के साथ यूजर्स 1971 की पाकिस्तानी हार का जिक्र कर रहे हैं। क्या यह सच्ची घटना है या प्रोपेगैंडा? आइए, इस विवादास्पद वीडियो की पूरी कहानी को समझते हैं।

घटना की पृष्ठभूमि: सीमा पर खूनी संघर्ष

अक्टूबर 2025 की शुरुआत में अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर दुर्लभ स्तर का संघर्ष भड़क उठा। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें काबुल और कंधार में 15 अफगान नागरिक मारे गए। जवाब में तालिबानी सेना ने स्पिन बोल्डाक (अफगानिस्तान) और चमन (पाकिस्तान) क्षेत्र में काउंटर-अटैक किया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गोलाबारी का आरोप लगाया—पाकिस्तान ने कहा कि तालिबान समर्थित उग्रवादी सीमा पार हमले कर रहे हैं, जबकि काबुल ने इसे “पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा” बताया।

16 अक्टूबर को 48 घंटे के युद्धविराम की घोषणा हुई। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि यह काबुल की मांग पर हुआ, लेकिन तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि यह इस्लामाबाद की जिद पर हुआ। इसी बीच, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और फोटो ने पाकिस्तान को शर्मिंदा कर दिया। इनमें तालिबानी लड़ाके पाकिस्तानी सैनिकों की पैंटें, राइफलें और यूनिफॉर्म लहराते दिख रहे हैं, जो कथित रूप से भागे हुए सैनिकों द्वारा छोड़ी गई हैं।

बीबीसी पत्रकार दाऊद जुनबिश ने एक्स पर एक फोटो शेयर की, जिसमें नंगरहर प्रांत में “खाली पैंटें” प्रदर्शित की गईं। कैप्शन था: “पाकिस्तानी सेना की त्यागी हुई चौकियों से बरामद खाली पैंटें, दुहरंद लाइन के पास।” वीडियो में तालिबानी एक कब्जे वाले पाकिस्तानी टी-55 टैंक पर सवार होकर जश्न मना रहे हैं, और पैंटें शहरों में लटकाई गई हैं।

वायरल वीडियो का विवरण: अपमान का प्रतीक

वायरल वीडियो में तालिबानी सैनिक अफगान शहरों की सड़कों पर पाकिस्तानी रेंजरों की पैंटें हाथों में थामे नारे लगाते दिख रहे हैं। एक क्लिप में लड़ाके कहते हैं, “ये पाकिस्तानी सैनिकों की पैंटें हैं, जो हमारी जवाबी कार्रवाई में भाग गए।” एक अन्य वीडियो में कब्जे वाले हथियारों और टैंकों के साथ पैंटें लहराई जा रही हैं। इंडिया टुडे के अनुसार, ये क्लिप्स अफगान एक्टिविस्टों द्वारा “93,000 पैंट सेरेमनी 2.0” नाम से शेयर की गईं, जो 1971 के भारत-पाक युद्ध का संदर्भ है।

हिंदुस्तान टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि ये पैंटें स्पिन बोल्डाक के त्यागे गए पोस्ट्स से बरामद हुईं। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी। तालिबान ने दावा किया कि 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि पाकिस्तान ने इसे खारिज किया। फर्स्टपोस्ट के मुताबिक, यह “पैंट डाउन” वाली स्थिति का शाब्दिक रूप है, जो पाकिस्तान के लिए शर्मनाक साबित हो रही है।

सोशल मीडिया पर तूफान: ‘93,000’ ट्रेंडिंग का राज

एक्स पर ‘#93,000’ हैशटैग ने 93,000 से अधिक पोस्ट्स के साथ वैश्विक ट्रेंडिंग लिस्ट में जगह बना ली। यह 1971 के युद्ध का जिक्र है, जब पाकिस्तानी लेफ्टिनेंट जनरल अमीर अब्दुल्लाह नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था। उस समय नियाजी ने अपनी लैथ, बैज और पिस्तौल उतार दी थी—अब तालिबानी पैंटें लहराकर इसे दोहरा रहे हैं।

एबीपी लाइव के अनुसार, अफगान यूजर्स ने लिखा: “1971: भारतीयों के सामने सरेंडर। 2025: तालिबान के सामने पैंटें लटकाईं।” एक पोस्ट में कहा गया, “टीम 93,000 ने फिर इतिहास रचा—अफगान सेना उनकी पैंटें लहरा रही है।” भारतीय यूजर्स ने भी मेम्स शेयर किए, जैसे 1971 की सरेंडर फोटो के साथ पैंटों का कोलाज। लाइवमिंट ने बताया कि यह पाकिस्तान के लिए पीआर हार है, जहां अफगान “#CaughtWithPantsDown” हैशटैग चला रहे हैं।

फ्री प्रेस जर्नल के मुताबिक, तालिबान ने विजय रैलियां निकालीं, जहां पैंटें और राइफलें शहर केंद्रों में लटकाई गईं। इंडिया टीवी ने वीडियो शेयर किया, जिसमें अफगान सेना हथियार और यूनिफॉर्म दिखा रही है।

दोनों पक्षों के दावे: युद्धविराम के बाद क्या?

पाकिस्तान ने वीडियो को “अफगान प्रोपेगैंडा” बताया और कहा कि उनके सैनिकों ने तालिबान को भारी नुकसान पहुंचाया। विदेश मंत्री ने कहा, “हम शांति चाहते हैं, लेकिन उग्रवादियों को शरण देने वाले काबुल को जवाब देंगे।” वहीं, तालिबान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने चेतावनी दी, “अफगानिस्तान किसी से झगड़ा नहीं चाहता, लेकिन पाकिस्तान अगर शांति नहीं चाहता तो हमारे पास अन्य विकल्प हैं।”

नॉर्थलाइंस के अनुसार, संघर्ष में अफगान पक्ष ने 12 नागरिकों की मौत का दावा किया, जबकि पाकिस्तान ने चार नागरिकों के घायल होने की बात कही। इंडटुडे ने बताया कि अफगान अब तालिबान मुजाहिदीन में शामिल होने का ऐलान कर रहे हैं।

saryusandhyanews
Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज