दानापुर (पटना), 16 अक्टूबर 2025 – बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार अभियान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पटना के दानापुर में भाजपा प्रत्याशी राम कृपाल यादव के नामांकन के अवसर पर एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। यह योगी का बिहार चुनाव में पहला रोड शो और भाषण था, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। योगी ने बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच के रिश्ते को भगवान राम और मां सीता के बंधन से जोड़ते हुए कहा कि यह अटूट है। साथ ही, उन्होंने 1990-2005 के ‘जंगल राज’ को याद दिलाते हुए नीतीश कुमार सरकार की उपलब्धियों की सराहना की और एनडीए को फिर सत्ता में लाने का आह्वान किया।
जनसभा का जोरदार स्वागत: राम कृपाल यादव के नामांकन पर योगी का पहुंचना
दानापुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी राम कृपाल यादव के नामांकन कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ का आगमन हुआ। स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया, और सभा स्थल पर ‘जय श्री राम’ और ‘मोदी-योगी’ के नारों से हंगामा मच गया। योगी ने कहा, “मुझे दानापुर आने और अपने पुराने साथी राम कृपाल यादव के नामांकन में भाग लेने का सौभाग्य मिला है। यह शुभ अवसर है, जब हम बिहार को फिर से विकास की राह पर ले जाने का संकल्प लें।” राम कृपाल यादव ने भी कहा, “भाजपा ने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी है, और दानापुर की जनता हमेशा हमारा साथ देती है।”
यह सभा भाजपा के बिहार चुनावी अभियान की शुरुआत थी। योगी आज सहरसा में भी एक रैली करेंगे, और आने वाले हफ्तों में वे 25 से अधिक सभाओं को संबोधित करेंगे। भाजपा का लक्ष्य 100-150 सीटें जीतना है, और योगी को प्रमुख प्रचारक के रूप में उतारा गया है।
बिहार-यूपी का अटूट बंधन: ‘राम-सीता जैसा रिश्ता, डबल इंजन सरकार फिर बनेगी’
योगी ने सभा में बिहार और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक और भावनात्मक बंधन पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “बिहार और उत्तर प्रदेश का रिश्ता केवल पड़ोसी का नहीं, बल्कि एक साझा विरासत है। यह एक आत्मा का बंधन है, एक संस्कृति का बंधन और एक संकल्प का बंधन। यह भगवान राम और मां जानकी का अटूट बंधन जैसा है।” उन्होंने अपील की, “बिहार में फिर डबल इंजन सरकार बनाएं, ताकि विकास की गति तेज हो। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने पिछले 20 वर्षों में जो काम किया, वह जारी रखें।”
योगी ने बिहार को माता जानकी की पावन भूमि और भगवान बुद्ध की ज्ञानभूमि बताते हुए कहा कि यह धरती हमेशा से आध्यात्मिक रही है, लेकिन विपक्ष ने इसे अपराध और भ्रष्टाचार की जमीन बना दिया। उन्होंने डबल इंजन सरकार की ताकत पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
विपक्ष पर तीखा प्रहार: ‘जंगल राज लौटेगा, घुसपैठियों को वोट का अधिकार?’
योगी ने राजद-कांग्रेस गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने 1990-2005 के जंगल राज को याद दिलाते हुए कहा, “कौन नहीं जानता बिहार के जंगल राज और वंशवादी राजनीति को? उन लोगों ने ज्ञान की भूमि को अपराध और भ्रष्टाचार की जमीन बना दिया। युवाओं को पहचान संकट का सामना करना पड़ा, जिससे लाखों लोग पलायन को मजबूर हुए। विकास के नाम पर गुंडागर्दी फैलाई गई।”
उन्होंने कहा कि राजद-कांग्रेस वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR) का विरोध कर रही है, क्योंकि वे घुसपैठियों को वोट का अधिकार देना चाहते हैं। “वे बुरका पर राजनीति कर रहे हैं और बिहार के लोगों के अधिकार छीनना चाहते हैं। क्या फर्जी वोट करने का अधिकार देना चाहिए? उन्होंने ‘विकास बनाम गुंडे’ की बहस थोप दी है।” योगी ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा, “यूपी में माफिया जहन्नुम की यात्रा पर हैं। राजद के सहयोगी वहां अराजकता फैलाते थे, लेकिन अब उनकी संपत्ति जब्त होकर गरीबों के लिए आवास बन रही है। बिहार में भी ऐसा ही होगा।”
एनडीए की उपलब्धियां: ’20 सालों में कलंक मिटाया, युवाओं को रोजगार दिया’
योगी ने एनडीए सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने जंगल राज के कलंक को मिटाया। “एनडीए ने युवाओं को पहचान संकट से मुक्ति दिलाई, रोजगार दिए और विकास की नई दिशा दी। डबल इंजन सरकार फिर बनाकर इस गति को बनाए रखें।” उन्होंने बिहार की बहनों-भाइयों से अपील की कि वे विपक्ष की साजिशों को नाकाम करें और भाजपा को जिताएं।
बिहार चुनाव में योगी का प्रभाव, डबल इंजन की अपील
दानापुर की इस सभा ने बिहार चुनाव में भाजपा को नई ऊर्जा दी। योगी का भाषण विकास, संस्कृति और विपक्ष पर हमले का मिश्रण था, जो भाजपा समर्थकों में उत्साह भर गया। विशेषज्ञों का मानना है कि योगी की हिंदुत्व और विकास की जोड़ी बिहार की राजनीति को नई दिशा देगी। चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होंगे, और भाजपा 12 मुख्यमंत्रियों को मैदान में उतार रही है। योगी ने अंत में कहा, “बिहार की बहनें-भाई, हमें आशीर्वाद दें। राम-सीता का बंधन टूटने न पाए।” यह भाषण बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकता है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




