ट्रंप ने कैसे दुनिया को बार-बार बेवकूफ बनाया: भारत-पाक युद्ध खत्म करने का दावा और फोन पर 200% टैरिफ की धमकी
वॉशिंगटन, 16 अक्टूबर 2025** – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर बताने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन हाल के महीनों में उनके दावों ने दुनिया को हैरान कर दिया है। ट्रंप ने बार-बार दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच एक संभावित युद्ध को रोका या खत्म किया, और यह सब उन्होंने व्यापारिक दबाव और टैरिफ की धमकी से किया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन पर 200% टैरिफ लगाने की धमकी दी, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव कम हुआ। लेकिन ये दावे कितने सच्चे हैं? कई विशेषज्ञ और भारत सरकार इन दावों को खारिज कर चुकी है, जिससे सवाल उठता है कि क्या ट्रंप दुनिया को बेवकूफ बना रहे हैं? आइए इसकी गहराई में जाएं।
ट्रंप के बार-बार दोहराए जाने वाले दावे: भारत-पाक युद्ध को रोका
ट्रंप ने हाल ही में कई साक्षात्कारों, रैलियों और संयुक्त राष्ट्र महासभा में दावा किया कि उन्होंने अपनी राष्ट्रपति अवधि के दौरान कई युद्धों को रोका, जिनमें भारत और पाकिस्तान का संघर्ष भी शामिल है। उन्होंने कहा कि उन्होंने छह से आठ युद्धों को खत्म किया और लाखों जानें बचाईं। विशेष रूप से, भारत-पाकिस्तान के बीच कश्मीर विवाद और 2019 के पुलवामा हमले के बाद बढ़े तनाव पर ट्रंप ने दावा किया कि उनकी मध्यस्थता से परमाणु युद्ध टला।
एक हालिया भाषण में ट्रंप ने कहा, “मैंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोका। वे दोनों तैयार थे, लेकिन मैंने हस्तक्षेप किया।” उन्होंने यह दावा नोबेल शांति पुरस्कार की चर्चाओं के दौरान भी दोहराया, जहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप को नामांकित करने की बात कही। लेकिन भारत ने हमेशा तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार किया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है, और ट्रंप की कोई भूमिका नहीं थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप ये दावे अपनी चुनावी छवि चमकाने के लिए कर रहे हैं, जो वास्तविकता से दूर हैं।
फोन कॉल की कहानी: 200% टैरिफ की धमकी से युद्ध रुका?
ट्रंप के दावों में एक नया मोड़ तब आया जब उन्होंने व्यापार को हथियार बनाकर भारत-पाक संघर्ष को रोकने की बात कही। एक साक्षात्कार में ट्रंप ने बताया कि उन्होंने मोदी को फोन किया और कहा, “सुनो, हम तुम्हारे देश पर 200% टैरिफ लगा देंगे अगर तुम अमेरिकी उत्पादों पर ऊंचे टैरिफ नहीं हटाते।” उन्होंने दावा किया कि इस धमकी से न केवल व्यापारिक मुद्दे सुलझे, बल्कि भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध भी टल गया। ट्रंप ने कहा, “मैंने दोनों नेताओं को फोन पर बुलाया और कहा कि अगर तुम लड़ाई जारी रखोगे, तो मैं 200% टैरिफ लगा दूंगा। और वे सहमत हो गए।”
यह दावा हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों पर भारत के ऊंचे टैरिफ से जुड़ा लगता है, जहां ट्रंप ने पहले भी पारस्परिक टैरिफ की धमकी दी थी। लेकिन भारत-पाक युद्ध से इसका क्या संबंध? ट्रंप ने इसे “ट्रेड डिप्लोमेसी” कहा, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं दिया। हाल ही में, ट्रंप ने भारत के रूसी तेल खरीद पर भी 25% टैरिफ लगाया, और दावा किया कि मोदी ने फोन पर वादा किया कि भारत रूसी तेल नहीं खरीदेगा। लेकिन भारतीय अधिकारियों ने ऐसे किसी फोन कॉल की पुष्टि नहीं की।
दुनिया को बेवकूफ बनाने की रणनीति: अतिशयोक्ति और राजनीतिक लाभ
ट्रंप के ये दावे क्यों दुनिया को बेवकूफ बनाने वाले लगते हैं? सबसे पहले, भारत ने कभी ट्रंप की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया। 2019 में जब ट्रंप ने कश्मीर पर मध्यस्थता की पेशकश की, तो भारत ने साफ मना कर दिया। दूसरे, टैरिफ की धमकी को युद्ध रोकने से जोड़ना अतिशयोक्ति लगता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप अपनी विदेश नीति को सफल दिखाने के लिए ऐसी कहानियां गढ़ते हैं, खासकर चुनावी साल में। पाकिस्तान ने ट्रंप को नोबेल के लिए नामांकित किया, लेकिन यह भी राजनीतिक चाल मानी जा रही है।
विपक्षी नेता जैसे भारत में जयराम रमेश ने मोदी पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया, कहते हुए कि ट्रंप की धमकियों पर जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा। ट्रंप के दावे मीडिया में सुर्खियां बनते हैं, लेकिन सबूतों की कमी से वे झूठे साबित होते हैं। इससे अमेरिका की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
दावों की सच्चाई और भविष्य
ट्रंप के बार-बार दोहराए जाने वाले दावे – भारत-पाक युद्ध रोकना और 200% टैरिफ की फोन धमकी – उनकी “ट्रेड वॉर” रणनीति का हिस्सा लगते हैं, लेकिन वे दुनिया को गुमराह करने वाले हैं। अगर ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बने, तो भारत-अमेरिका संबंधों पर इसका असर पड़ सकता है। फिलहाल, ये दावे मनोरंजन और विवाद पैदा कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई की जांच जरूरी है।
सभी तथ्य मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित। आगे की जांच से नए खुलासे हो सकते हैं
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




