नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025 – भारत सरकार के प्रमुख मंत्रियों ने स्वदेशी तकनीक को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी आधिकारिक ईमेल आईडी को जोहो मेल पर शिफ्ट कर लिया है, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जोहो के ऑफिस सूट को सरकारी कामकाज के लिए अपनाया है। यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत विदेशी सॉफ्टवेयर जैसे माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस और गूगल वर्कस्पेस से दूर हटने का संकेत देता है। जोहो कॉर्पोरेशन के संस्थापक श्रीधर वेंबू ने अमित शाह को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह उन इंजीनियरों को समर्पित है जिन्होंने भारत में रहकर तकनीक विकसित की।
जोहो का स्वाग: मंत्रियों का स्वदेशी मोह
अमित शाह ने 8 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नई ईमेल आईडी amitshah.bjp@zohomail.in साझा की। उन्होंने लिखा, “हैलो एवरीवन, काइंडली नोट…” और सभी को अपनी सरकारी पत्राचार के लिए इस आईडी का उपयोग करने का अनुरोध किया। यह कदम अमेरिकी टैरिफ्स के बीच स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। शाह के इस फैसले से पहले, अश्विनी वैष्णव ने पिछले महीने जोहो के पूरे ऑफिस सूट को अपनाने की घोषणा की थी, जिसमें दस्तावेज, स्प्रेडशीट और प्रेजेंटेशन शामिल हैं।
वहीं, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने भी जोहो के उत्पादकता उपकरणों को अपनाने का निर्देश दिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जोहो के मैसेजिंग ऐप ‘अरत्तई’ की तारीफ की, इसे “सुरक्षित, उपयोगकर्ता-अनुकूल और पूरी तरह मुफ्त” बताया। इस ऐप ने मंत्रियों के समर्थन के बाद डाउनलोड में 100 गुना वृद्धि दर्ज की है। प्रधान ने कहा कि यह स्वदेशी आंदोलन के तहत डिजिटल संप्रभुता को मजबूत करेगा।
स्वदेशी तकनीक का बढ़ता प्रभाव
जोहो कॉर्पोरेशन, जो चेन्नई स्थित है, एक भारतीय कंपनी है जो ईमेल, क्लाउड स्टोरेज और प्रोडक्टिविटी टूल्स प्रदान करती है। कंपनी के को-फाउंडर श्रीधर वेंबू ने अमित शाह को धन्यवाद देते हुए एक्स पर पोस्ट किया, “थैंक यू सर, फॉर योर फेथ इन अस।” उन्होंने इसे उन इंजीनियरों को समर्पित किया जो विदेश जाने के बजाय भारत में काम करना चुनते हैं। वेंबू के अनुसार, शाह का यह कदम जोहो के 20 वर्षों के प्रयासों को मान्यता देता है।
यह बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वदेशी’ आह्वान से प्रेरित है। सरकार डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में आत्मनिर्भरता पर जोर दे रही है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जोहो जैसे प्लेटफॉर्म आर्थिक विकास और नवाचार को बढ़ावा देंगे। इसके अलावा, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी जोहो का समर्थन किया है। जोहो मेल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के साथ सुरक्षित है और ग्लोबल प्लेटफॉर्म्स जैसे जीमेल या आउटलुक का विकल्प है।
सरकार का डिजिटल शिफ्ट: चुनौतियां और फायदे
यह परिवर्तन सरकारी स्तर पर विदेशी सॉफ्टवेयर से हटने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। शिक्षा मंत्रालय ने “स्ट्रेंग्थनिंग डिजिटल सोवरेन्टी अंडर स्वदेशी मूवमेंट” पहल के तहत जोहो को अपनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डेटा सुरक्षा बढ़ेगी और भारतीय टेक इंडस्ट्री को बूस्ट मिलेगा। हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं, जैसे उपयोगकर्ताओं को नए प्लेटफॉर्म पर ट्रेनिंग देना।
अरत्तई ऐप, जो व्हाट्सऐप का भारतीय विकल्प है, ने मंत्रियों के एंडोर्समेंट के बाद दैनिक साइन-अप 3,000 से बढ़कर 3,50,000 हो गए। यह ऐप वन-टू-वन चैट, ग्रुप मैसेजिंग और वीडियो कॉल्स प्रदान करता है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




