नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025 – उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के पगला भरी गांव में गुरुवार शाम हुए भयानक विस्फोट ने पूरे इलाके को हिला दिया। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जिसमें तीन बच्चे शामिल हैं, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। विस्फोट इतना जोरदार था कि एक घर पूरी तरह ढह गया और मलबे के नीचे कई लोग दब गए। प्रारंभिक जांच में गैस सिलेंडर या प्रेशर कुकर फटने की आशंका जताई जा रही है। इस दुखद घटना पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर कहा, “अयोध्या में विस्फोट से पांच लोगों की मौत का समाचार अत्यंत दुखद है।”
अयोध्या ब्लास्ट: हादसे का पूरा विवरण
घटना गुरुवार शाम करीब 7:15 बजे पगला भरी गांव में पेश आई, जो अयोध्या से लगभग 25 किलोमीटर दूर है। पुलिस के अनुसार, विस्फोट के धमाके की आवाज एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, और मलबा 500 मीटर तक बिखर गया। मलबे से पांच शव बरामद हो चुके हैं, जबकि कई लोग अभी भी फंसे होने की आशंका है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फंडे ने बताया, “घटना की सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम सैंपल कलेक्ट कर रही है। प्रारंभिक रूप से यह गैस सिलेंडर या कुकर विस्फोट लग रहा है, लेकिन पूरी जांच के बाद ही पुष्टि होगी।” सर्कल ऑफिसर शैलेंद्र सिंह ने कहा, “पांच मौतें पुष्ट हो चुकी हैं, और बचाव कार्य जारी है। कई लोग मलबे में दबे हो सकते हैं।”
यह हादसा अयोध्या में हाल की दूसरी बड़ी घटना है। चार दिन पहले 5 अक्टूबर को बिकापुर कोतवाली के पास एक स्कूटर विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और दो गंभीर रूप से घायल हुए थे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विस्फोट वाले घर में अवैध पटाखे बनाने का काम चल रहा था, जो पिछले साल भी इसी गांव में तीन मौतों का कारण बना था।
अखिलेश यादव का शोक संदेश: दुख के साथ राजनीतिक टिप्पणी
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर इस हादसे पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “अयोध्या में विस्फोट से पांच लोगों की मौत का समाचार अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। मृतकों के परिजनों को सांत्वना। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दें।” यादव ने साथ ही भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “जिनके खिलाफ मुकदमे वापस होते हैं, वे किस मुंह से दूसरों पर आरोप लगाते हैं?” यह टिप्पणी राजनीतिक जवाबदेही और भ्रष्टाचार पर केंद्रित लग रही है।
अखिलेश यादव की यह प्रतिक्रिया विपक्ष की उस रणनीति का हिस्सा लगती है, जिसमें वे राज्य सरकार की विफलताओं को उजागर करने का प्रयास कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने पहले भी अयोध्या विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है।
योगी सरकार की प्रतिक्रिया: सीएम ने दिए सख्त निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। सीएम ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना भेजी और घायलों के इलाज का पूरा इंतजाम करने का आदेश दिया। अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर ने कहा, “घर के मालिक पप्पू गुप्ता हैं। हम पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। रसोई के बर्तन इधर-उधर बिखरे मिले हैं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख जताया है, हालांकि उनका संदेश मुख्य रूप से अन्य राज्यों की घटनाओं पर केंद्रित रहा। केंद्र सरकार ने जांच के लिए फोरेंसिक टीम भेजी है।
अयोध्या में बढ़ते हादसे: चिंता का विषय
अयोध्या, जो राम मंदिर निर्माण के बाद पर्यटन का केंद्र बन गया है, हाल में कई दुर्घटनाओं का गवाह रहा है। अवैध पटाखा निर्माण, गैस रिसाव और निर्माण कार्यों से जुड़ी घटनाएं आम हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज विकास के बीच सुरक्षा मानकों पर ध्यान देना जरूरी है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा सरकार विकास के नाम पर सुरक्षा को नजरअंदाज कर रही है।
इस हादसे ने राज्य में सुरक्षा जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग पर अभियान चलाने की मांग उठ रही है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




