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जोहो के संस्थापक श्रीधर वेंबू ने आनंद महिंद्रा के जवाब में जताई कृतज्ञता: अरत्तई ऐप को मिला समर्थन

7 अक्टूबर 2025: भारतीय उद्योगपति आनंद महिंद्रा द्वारा जोहो के स्वदेशी मैसेजिंग ऐप ‘अरत्तई’ को डाउनलोड करने की घोषणा के बाद, कंपनी के संस्थापक श्रीधर वेंबू ने गर्मजोशी से आभार व्यक्त किया। यह आदान-प्रदान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जो भारतीय तकनीकी नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

घटना का विवरण

आनंद महिंद्रा, महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन, ने 4 अक्टूबर को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया: “आज अरत्तई डाउनलोड किया… गर्व के साथ।” यह पोस्ट जोहो के अरत्तई ऐप को व्हाट्सएप का भारतीय विकल्प बताते हुए साझा की गई, जो उपयोगकर्ता गोपनीयता पर जोर देता है। महिंद्रा का यह समर्थन भारतीय तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के रूप में सराहा गया।

श्रीधर वेंबू ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए लिखा: “मैं तेनकासी कार्यालय में अरत्तई इंजीनियरों के साथ बैठक में था, ऐप में सुधार कर रहे थे, तब एक टीम सदस्य ने यह ट्वीट दिखाया। धन्यवाद @anandmahindra, इससे हमें और अधिक दृढ़ संकल्प मिला। 🙏” वेंबू ने आगे कहा कि यह समर्थन टीम को प्रेरित करता है। महिंद्रा ने वेंबू के पोस्ट को उद्धृत करते हुए जवाब दिया: “हम आपके लिए चीयर कर रहे हैं, @svembu।”

अरत्तई ऐप का महत्व

अरत्तई, जो तमिल में ‘साधारण चैट’ का अर्थ रखता है, जोहो द्वारा विकसित एक मैसेजिंग ऐप है जो व्हाट्सएप का स्वदेशी विकल्प है। वेंबू ने कहा कि इसका मुख्य फोकस उपयोगकर्ता गोपनीयता है, और कंपनी ऐसा बिजनेस मॉडल नहीं अपनाएगी जो गोपनीयता को जोखिम में डाले। ऐप ने हाल ही में तेजी से लोकप्रियता हासिल की है, सितंबर के अंत तक दैनिक साइन-अप 3,000 से बढ़कर 3,50,000 हो गए। हालांकि, कुछ उपयोगकर्ताओं ने ओटीपी देरी और सिंक समस्याओं की शिकायत की है, जिन्हें जोहो सुधार रहा है।

जोहो ने आरएंडडी में भारी निवेश किया है, जिसमें कंपाइलर, डेटाबेस, ऑपरेटिंग सिस्टम, सुरक्षा, चिप डिजाइन, हार्डवेयर, रोबोटिक्स और एआई शामिल हैं। वेंबू ग्रामीण भारत से तकनीक विकसित करने के समर्थक हैं, और कंपनी ने तमिलनाडु के तेनकासी जैसे क्षेत्रों में कार्यालय स्थापित किए हैं।

व्यापक प्रभाव और प्रतिक्रियाएं

यह आदान-प्रदान भारतीय उद्योग जगत के दो प्रमुख व्यक्तियों के बीच आपसी सम्मान को दर्शाता है। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इसे सराहा, इसे भारतीय स्टार्टअप्स के लिए प्रोत्साहन बताया। आईटी मंत्री अश्विनी वैश्नव और शिक्षा मंत्रालय ने भी जोहो के ऑफिस सूट को अपनाने का निर्देश दिया है, जो स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देता है।

वेंबू की प्रतिक्रिया ने भारतीय स्टार्टअप्स को प्रेरित किया, जो स्थानीय नवाचार पर केंद्रित हैं। यह घटना ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूत करती है, जहां अरत्तई जैसे ऐप डेटा संरक्षण और स्वतंत्रता पर जोर देते हैं। यह संवाद भारतीय डिजिटल भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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