हैदराबाद, 30 सितंबर 2025: तेलुगु फिल्म उद्योग को सालाना 3700 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचाने वाले देश के सबसे बड़े फिल्म पाइरेसी नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया है। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मंगलवार को इस रैकेट के पांच प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया, जबकि पांच अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई जून में तेलुगु फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स (टीएफसीसी) की शिकायत पर की गई, जिसमें ‘हिट: द थर्ड केस’ और ‘#सिंगल’ जैसी नई रिलीज फिल्मों के पाइरेटेड वर्जन के ऑनलाइन अपलोड होने की बात कही गई थी। पुलिस आयुक्त सीवी आनंद ने इसे देश की सबसे बड़ी एंटी-पाइरेसी कार्रवाइयों में से एक बताया है।
रैकेट का खुलासा: थिएटर रिकॉर्डिंग से सर्वर हैकिंग तक
पुलिस जांच में पता चला कि यह अंतरराज्यीय गिरोह दो मुख्य तरीकों से फिल्मों की पाइरेसी करता था। पहला, थिएटरों में मोबाइल फोन छिपाकर फिल्में रिकॉर्ड करना (कैम-कॉर्डिंग), और दूसरा, डिजिटल मीडिया कंपनियों के सर्वर हैक करके मूल कॉपी चुराना। पाइरेटेड फिल्में 1तमिलब्लास्टर्स, मूवीरुल्ज, 1तमिलएमवी, तमिलएमवी जैसी वेबसाइटों पर अपलोड की जाती थीं, जो ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग ऐप्स से प्रायोजित होती थीं। ये ऐप्स इन पोर्टलों पर विज्ञापन देकर लाखों कमाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
- अश्वनी कुमार (21, बिहार): सर्वर हैकिंग का मास्टरमाइंड, 120 से अधिक अनरिलीज्ड फिल्में चुराईं, प्रत्येक के लिए 800 डॉलर में बेचीं।
- सिरिल इन्फैंट राज (32, तमिलनाडु): रैकेट का किंगपिन, 1तमिलब्लास्टर्स का संचालक। 2020 से 500 फिल्में अपलोड कीं, क्रिप्टोकरेंसी से 2 करोड़ रुपये कमाए। मासिक भुगतान 10,000 डॉलर से बढ़ाकर 30,000 डॉलर की मांग की।
- जना किरण कुमार (29, हैदराबाद): थिएटरों में आइफोन शर्ट पॉकेट में छिपाकर 100 से अधिक तेलुगु फिल्में रिकॉर्ड कीं, प्रत्येक के लिए 300-400 डॉलर बिटकॉइन में लिए।
- सुधाकरन (31, तमिलनाडु): कोयंबटूर में ‘नाई सेकर’ समेत 35 साउथ इंडियन फिल्में रिकॉर्ड कीं।
- अर्सलान अहमद (23, गोवा): पाइरेटेड फिल्में टेलीग्राम और फाइल-शेयरिंग प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड करता था।
ट्रांजेक्शन पूरी तरह क्रिप्टोकरेंसी (बिटकॉइन) के जरिए होते थे, जिन्हें बिनेंस और ब्लॉकचेन.कॉम जैसे वॉलेट्स से रुपये में कन्वर्ट किया जाता था। पुलिस ने लैपटॉप, हार्ड डिस्क, मोबाइल, पेन ड्राइव और वेबकैम समेत कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं।
प्रभावित फिल्में और उद्योग को नुकसान
यह रैकेट तेलुगु के अलावा तमिल, कन्नड़, मलयालम, बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों को निशाना बनाता था। हाल ही में लीक हुई फिल्मों में ‘हिट 3’, ‘सिंगल’, ‘कुबेरा’, ‘हरि हर वीर मल्लू’ और ‘गेम चेंजर’ शामिल हैं। 2023 में भारतीय फिल्म उद्योग को पाइरेसी से 22,400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसमें तेलुगु इंडस्ट्री का हिस्सा 3700 करोड़ था। पुलिस ने बताया कि रिलीज के कुछ घंटों में ही ये फिल्में पाइरेसी साइट्स पर उपलब्ध हो जाती थीं, जिससे बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर सीधा असर पड़ता था।
फिल्म उद्योग की प्रतिक्रिया: चिरंजीवी, नागार्जुन समेत सितारों ने सराहा
गिरफ्तारियों के बाद हैदराबाद पुलिस ने तेलुगु फिल्म फ्रेटर्निटी के प्रमुख सदस्यों के साथ बैठक की। चिरंजीवी, वेंकटेश, नागार्जुन, नानी, दिल राजू और टीएफसीसी के राज कुमार जैसे दिग्गजों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने पाइरेसी रोकने के लिए पूर्ण सहयोग का वादा किया। बैठक में थिएटर सिक्योरिटी मजबूत करने, डिजिटल सर्वर की सुरक्षा बढ़ाने और पब्लिक को पाइरेटेड कंटेंट न देखने की अपील पर चर्चा हुई।
पुलिस आयुक्त सीवी आनंद ने कहा, “यह रैकेट ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म्स से फंडेड था, जो पाइरेसी को बढ़ावा दे रहे थे। हम क्रिप्टो वॉलेट्स ट्रैक करने के लिए आई4सी (इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) के साथ काम कर रहे हैं। डिजिटल मीडिया कंपनियों को अपनी सिक्योरिटी अपग्रेड करनी होगी।”
आगे की कार्रवाई और चेतावनी
पुलिस ने आईटी एक्ट, कॉपीराइट एक्ट और सिनेमेटोग्राफ एक्ट की धाराओं के तहत दो एफआईआर दर्ज की हैं। जांच जारी है, और अन्य सहयोगियों को ट्रैक किया जा रहा है। साइबर क्राइम पुलिस ने जनता को चेतावनी दी कि पाइरेसी एक अपराध है। थिएटर में रिकॉर्डिंग या पाइरेटेड कॉन्टेंट शेयर करना कॉपीराइट एक्ट 1957 के तहत सजा का प्रावधान है।
फिल्म उद्योग के लिए यह सफलता एक राहत है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि पाइरेसी को पूरी तरह रोकने के लिए सख्त कानून और तकनीकी उपाय जरूरी हैं। हम उम्मीद करते हैं कि ऐसी कार्रवाइयां बढ़ेंगी, ताकि क्रिएटर्स का हक सुरक्षित रहे। अधिक अपडेट के लिए बने रहें।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




