बेंगलुरु, 1 अक्टूबर 2025: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (83 वर्ष) की अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें मंगलवार को बेंगलुरु के प्रतिष्ठित एमएस रमैया मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। लगातार बुखार और पैर में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति स्थिर बताई है। पार्टी के विश्वसनीय स्रोतों के अनुसार, खड़गे को पैसemaker प्रत्यारोपण की आवश्यकता है, जिसकी प्रक्रिया जल्द ही अस्पताल में ही की जाएगी।
घटना का विवरण
मंगलवार शाम को खड़गे को बुखार और अस्वस्थ महसूस होने की शिकायत हुई। परिवार और करीबी सहयोगियों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तत्काल जांच शुरू की, जिसमें कई टेस्ट शामिल थे। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी स्थिति चिंताजनक नहीं है, लेकिन निगरानी में रखा गया है। खड़गे के बेटे प्रियंक खड़गे, जो कर्नाटक सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और बायोटेक्नोलॉजी मंत्री हैं, ने सोशल मीडिया पर अपडेट साझा किया। उन्होंने लिखा, “श्री खड़गे को पैसemaker प्रत्यारोपण की सलाह दी गई है और वे अस्पताल में नियोजित प्रक्रिया के लिए भर्ती हैं। वे स्थिर हैं और ठीक महसूस कर रहे हैं। सभी की चिंता और शुभकामनाओं के लिए आभारी हूं।”
पार्टी के प्रवक्ताओं ने बताया कि खड़गे हाल ही में व्यस्त कार्यक्रम में व्यस्त थे, जिसमें राज्य स्तर के राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा और संगठनात्मक बैठकों का दौर चल रहा था। यह घटना पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन सभी को आश्वस्त किया गया है कि जल्द ही वे स्वस्थ होकर लौटेंगे।
मल्लिकार्जुन खड़गे का राजनीतिक सफर
मल्लिकार्जुन खड़गे का जन्म 21 जुलाई 1942 को कर्नाटक के बिदर जिले के भालकी तालुक के वरवट्टी गांव में एक दलित परिवार में हुआ था। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई पूरी की और वकील बनकर राजनीति में कदम रखा। 1972 से ही कर्नाटक विधानसभा के सदस्य रह चुके खड़गे ने गुर्मीतकल और चित्तापुर विधानसभा क्षेत्रों से लगातार चुनाव जीते। वे कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर, वे 2009 से 2019 तक गुलबर्गा से लोकसभा सदस्य रहे। यूपीए-2 सरकार में वे श्रम एवं रोजगार मंत्री (2009-2013) और रेल मंत्री (2013-2014) के रूप में सेवा दे चुके हैं। 2022 में वे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और 2021 से राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं। उनकी सादगी, संघर्षपूर्ण जीवन और मजबूत नेतृत्व के लिए वे विपक्ष में एक प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस खबर के बाद राजनीतिक गलियारों में चिंता की लहर दौड़ गई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और अन्य ने खड़गे के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी संदेश जारी कर कहा, “खड़गे जी का स्वास्थ्य सुधरने की प्रार्थना करता हूं। वे पार्टी के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रहे हैं।” विपक्षी दलों ने भी एकजुट होकर शुभकामनाएं दीं।
कांग्रेस पार्टी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि खड़गे की अनुपस्थिति में संगठनात्मक कार्यक्रम सुचारू रूप से चलेंगे, लेकिन उनकी जल्दी वापसी की उम्मीद है। अगले कुछ दिनों में नगालैंड में निर्धारित रैली और बैठकें स्थगित या पुनर्निर्धारित की जा सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों के अनुसार, 80 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों में हृदय संबंधी समस्याएं आम हैं, खासकर यदि वे तनावपूर्ण जीवन जी रहे हों। पैसemaker प्रत्यारोपण एक सामान्य और सुरक्षित प्रक्रिया है, जो हृदय की धड़कन को नियंत्रित करने में मदद करती है। एमएस रमैया अस्पताल, जो कर्नाटक का एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र है, ऐसी प्रक्रियाओं में विशेषज्ञता रखता है। पार्टी स्रोतों ने पुष्टि की कि प्रक्रिया के बाद खड़गे को कुछ दिनों की विश्राम की आवश्यकता होगी।
कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक सोशल मीडिया पर #GetWellSoonKharge जैसे हैशटैग के साथ संदेश साझा कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि राजनीतिक नेताओं को भी स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




