शशि थरूर का एयर इंडिया पर तीखा प्रहार: ‘केरल को उपेक्षा का शिकार न बनाएं’, विमान सेवाओं में कटौती पर चिंता
तिरुवनंतपुरम, 30 सितंबर 2025 – कांग्रेस सांसद और तिरुवनंतपुरम से चार बार के सांसद डॉ. शशि थरूर ने आज एयर इंडिया एक्सप्रेस की आगामी विंटर शेड्यूल में केरल के हवाई अड्डों से उड़ानों में बड़े पैमाने पर कटौती की खबरों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट के जरिए उन्होंने एयर इंडिया के एमडी कैम्पबेल विल्सन को पत्र लिखा और कहा, “केरल को ‘आखिरी विचार’ की तरह न ट्रीट करें।” थरूर का यह बयान केरल की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और प्रवासी श्रमिकों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताता है, जो राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
बयान का सार: विमान सेवाओं में कटौती से नुकसान
थरूर ने सोमवार (29 सितंबर) को एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि एयर इंडिया एक्सप्रेस केरल के प्रमुख हवाई अड्डों – तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कोझिकोड और कन्नूर – से अक्टूबर के अंत से मार्च तक कई उड़ानें बंद करने जा रही है। उन्होंने लिखा, “मैंने एयर इंडिया के एमडी को पत्र लिखकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। मीडिया खबरों के अनुसार, इन हवाई अड्डों से बड़ी संख्या में उड़ानें वापस ली जा रही हैं।”
थरूर ने चेतावनी दी कि ऐसी कटौती से प्रवासी श्रमिकों, छात्रों, पर्यटकों और परिवारों को गंभीर कठिनाई होगी। उन्होंने कहा, “यह व्यापार और पर्यटन को नुकसान पहुंचाएगी। केरल एक बड़ा विमानन केंद्र है, खासकर गल्फ देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय यातायात का। किसी भी सेवा में कटौती से यात्री अन्य एयरलाइंस की ओर रुख करेंगे।” इतना ही नहीं, थरूर ने व्यक्तिगत तौर पर कहा कि एयर इंडिया उनकी पसंदीदा एयरलाइन है, लेकिन अगर ऐसी उपेक्षा जारी रही तो वे भी अपना मन बदल सकते हैं।
केरल के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
केरल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन और रेमिटेंस (प्रवासी कमाई) का बड़ा योगदान है। राज्य से प्रतिदिन हजारों लोग गल्फ देशों के लिए उड़ान भरते हैं, जबकि पर्यटक बैकवाटर्स, बीचेस और हिल स्टेशनों के लिए आते हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस, जो टाटा समूह की कम लागत वाली एयरलाइन है, केरल से सैकड़ों उड़ानें संचालित करती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विंटर शेड्यूल में 20-30% उड़ानें कम हो सकती हैं, जो कोविड के बाद रिकवर हो रही अर्थव्यवस्था को झटका देगी।
कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा, “केरल को उपेक्षा का शिकार न बनाया जाए। यह राज्य भारत की सॉफ्ट पावर का प्रतीक है, और विमान सेवाओं में कटौती से इसका नुकसान होगा।” थरूर का यह बयान विपक्ष की उस रणनीति का हिस्सा लगता है, जिसमें वे केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: विपक्ष का समर्थन, सरकार चुप
थरूर के बयान का स्वागत विपक्षी दलों ने किया है। केरल कांग्रेस के नेता वी.डी. सतीश ने कहा, “शशि थरूर ने सही मुद्दा उठाया है। केंद्र की नीतियां दक्षिण भारत को नजरअंदाज कर रही हैं।” हालांकि, सत्ताधारी एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि मंत्रिपरिषद इस मुद्दे पर चर्चा कर सकती है।
एयर इंडिया के अधिकारियों ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, कटौती ईंधन लागत और मांग के आधार पर हो रही है। थरूर ने पत्र में मांग की है कि एयरलाइन केरल के हितों को प्राथमिकता दे।
थरूर की केरल प्रतिबद्धता: पुरानी परंपरा
शशि थरूर, जो 2009 से तिरुवनंतपुरम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, अक्सर राज्य के विकास पर आवाज उठाते रहे हैं। फरवरी 2025 में उन्होंने केरल की स्टार्टअप नीतियों की सराहना की थी, जिससे कांग्रेस में विवाद हुआ था। लेकिन थरूर ने स्पष्ट किया था कि वे राज्य के हितों के लिए हमेशा खड़े रहेंगे। आज का बयान भी उसी कड़ी का हिस्सा है।
केरल की राजनीति में यह मुद्दा गर्म हो सकता है, खासकर 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले। क्या एयर इंडिया अपनी नीति बदलेगी? थरूर के पत्र का जवाब आने पर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल, केरल के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी आवाज सुनी जाएगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




