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विजय की बयानबाजी के बाद भगदड़ का मामला: ‘सच्चाई जल्द सामने आएगी’, राजनीतिक साजिश का आरोप

चेन्नई, 30 सितंबर 2025 – तमिलनाडु के करूर में अभिनेता-पolitician जोसेफ विजय की तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की रैली में हुई भगदड़ ने पूरे राज्य को हिला दिया है। 27 सितंबर को हुई इस त्रासदी में 41 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 9 बच्चे और 17 महिलाएं शामिल हैं। आज, विजय ने पहली बार वीडियो संदेश जारी कर कहा, “सच्चाई जल्द सामने आएगी।” उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप्स का हवाला देते हुए कहा कि करूर के लोगों ने खुद सच्चाई बयां कर दी है। इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, और विपक्ष ने इसे साजिश का नाम दिया है।

भगदड़ का काला अध्याय: क्या हुआ था?

करूर के वेलुसामीपुरम में TVK की रैली के दौरान दोपहर 12 बजे विजय के भाषण की घोषणा की गई थी, लेकिन वे शाम 7 बजे पहुंचे। सुबह 9 बजे से ही हजारों समर्थक जमा होने लगे। अनुमानित 10,000 की भीड़ के बजाय 25,000 से अधिक लोग पहुंच गए, जिससे ओवरक्राउडिंग हो गई। गर्मी, पानी की कमी और भीड़ के दबाव में लोग बेहोश होने लगे। विजय ने भाषण छोटा किया और जल्दी चले गए, लेकिन तब तक हालात युद्धक्षेत्र जैसे हो चुके थे। 80 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें कई की हालत गंभीर है।

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने तुरंत 10 लाख रुपये मुआवजा घोषित किया और रिटायर्ड जज जस्टिस अरुणा जगदीशन की अगुवाई में जांच आयोग गठित किया। स्टालिन ने कहा, “यह राज्य के राजनीतिक इतिहास की सबसे दुखद घटना है। जांच से सच्चाई सामने आएगी, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”

विजय का पहला वीडियो संदेश: ‘ईश्वर ने सच्चाई बयां की’

आज सुबह जारी वीडियो में विजय ने गहरी शोकाकुलता जताई। उन्होंने कहा, “मैं करूर की जनता के दर्द को महसूस कर रहा हूं। जब मैंने सोशल मीडिया पर करूर के लोगों के वीडियो देखे, तो लगा जैसे भगवान धरती पर उतर आए हों। वे सच्चाई बयां कर रहे थे। मुझे विश्वास है कि सच्चाई जल्द सामने आएगी।” विजय ने TVK की ओर से मृतकों के परिवारों को 20 लाख और घायलों को 2 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “यह दर्द अकल्पनीय है, लेकिन हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।”

विजय ने मुख्यमंत्री स्टालिन पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा, कहा कि “बदला लेना हो तो मुझसे लो, निर्दोषों से नहीं।” TVK ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर कर CBI जांच की मांग की है। पार्टी का दावा है कि DMK सरकार ने जानबूझकर सुरक्षा व्यवस्था में चूक की, और पुलिस ने पर्याप्त फोर्स नहीं तैनात की।

राजनीतिक तूफान: साजिश के आरोपों से सियासत गरम

विजय के बयान के बाद राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। AIADMK नेता एडाप्पाडी के पलानीस्वामी ने कहा, “रैली में बिजली गुल होने और सुरक्षा लापरवाही से भगदड़ मची। TVK को सावधानी बरतनी चाहिए थी।” BJP की तमिलिसाई सौंदरराजन ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है। सनसनी फैलाने के बजाय संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।” DMK प्रवक्ता सरावणन ने पलटवार किया, “जिम्मेदारी TVK आयोजकों की है।”

TVK के करूर वेस्ट डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी वी.पी. मथियाजहगन को गिरफ्तार कर लिया गया है। FIR में कहा गया कि रोड शो बिना अनुमति के किया गया, और वरिष्ठ नेताओं ने चेतावनियों को नजरअंदाज किया। हाईकोर्ट की मदुरै बेंच 29 सितंबर को TVK की याचिका पर सुनवाई करेगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शोक व्यक्त किया है।

पीड़ित परिवारों का दर्द: न्याय की आस

करूर के अस्पतालों में मृतकों के शव सौंपे जा चुके हैं। सबसे छोटे पीड़ित 6 साल के बच्चे के परिवार ने कहा, “हमारा बच्चा विजय सर को देखने आया था, लेकिन चला गया। सच्चाई कब सामने आएगी?” एनडीआरएफ और मेडिकल टीम्स तैनात हैं। स्टालिन ने घायलों से मुलाकात की और राहत कार्यों का जायजा लिया।

यह घटना तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है। विजय की TVK, जो 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में थी, अब जांच के दायरे में है। क्या सच्चाई विजय के पक्ष में आएगी या सरकार की लापरवाही उजागर होगी? जांच आयोग की रिपोर्ट का इंतजार है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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