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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 2 अक्टूबर को भुज में करेंगे शस्त्र पूजा: विजयादशमी पर सैनिकों के साथ एकजुटता का प्रदर्शन

भुज, गुजरात, 30 सितंबर 2025 – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 2 अक्टूबर 2025 को विजयादशमी के पावन अवसर पर गुजरात के भुज सैन्य स्टेशन पर शस्त्र पूजा करेंगे। यह आयोजन न केवल भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है, बल्कि 1965 के भारत-पाक युद्ध की हीरक जयंती के उपलक्ष्य में भी विशेष महत्व रखता है। भुज सैन्य स्टेशन, जो उस युद्ध में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा, इस बार राष्ट्रीय गौरव और सैन्य शक्ति के प्रदर्शन का केंद्र बनेगा।

शस्त्र पूजा: परंपरा और शक्ति का प्रतीक

विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजा भारतीय सेना की एक प्राचीन परंपरा है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भुज सैन्य स्टेशन पर हथियारों और सैन्य उपकरणों की पूजा करेंगे, जिसमें फूलों, चंदन और मंत्रों के साथ विधि-विधान से अनुष्ठान किया जाएगा। इस अवसर पर सेना और वायुसेना के जवान मौजूद रहेंगे। रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया, “यह पूजा सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने और उनके शस्त्रों के प्रति सम्मान को दर्शाने का अवसर है।”

रक्षा मंत्री के साथ वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि भी इस आयोजन में शामिल होंगे। पूजा के बाद जवानों के साथ एक सामूहिक भोज (बड़ा खाना) का आयोजन होगा, जिसमें राजनाथ सिंह सैनिकों से मुलाकात कर उनकी चुनौतियों और योगदान पर चर्चा करेंगे।

भुज का ऐतिहासिक महत्व

भुज सैन्य स्टेशन का 1965 के युद्ध में विशेष महत्व रहा है, जब यह पाकिस्तानी वायुसेना के हमलों का प्रमुख निशाना बना था। भारतीय वायुसेना ने उस समय अदम्य साहस के साथ इस एयरबेस की रक्षा की थी। इस वर्ष युद्ध की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह आयोजन और भी खास हो जाता है। रक्षा मंत्री का यह दौरा न केवल उस ऐतिहासिक जीत को श्रद्धांजलि देगा, बल्कि पश्चिमी सीमा पर भारत की सैन्य तैयारियों को भी रेखांकित करेगा।

सैन्य अभ्यास और निरीक्षण

सूत्रों के अनुसार, शस्त्र पूजा के बाद राजनाथ सिंह लक्की नाला मिलिट्री गैरिसन में एक बहु-एजेंसी सैन्य अभ्यास का निरीक्षण करेंगे। इस अभ्यास में सेना, वायुसेना, नौसेना, तटरक्षक और सीमा सुरक्षा बल हिस्सा लेंगे। यह अभ्यास आधुनिक युद्ध की चुनौतियों जैसे साइबर हमले, ड्रोन खतरों और सूचना युद्ध पर केंद्रित होगा। रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में एकीकृत सैन्य कमांड को बढ़ावा देने पर जोर दिया है, और यह आयोजन उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

रक्षा मंत्री की परंपरा

राजनाथ सिंह हर वर्ष दशहरा पर विभिन्न सैन्य स्टेशनों पर शस्त्र पूजा करते हैं। पिछले वर्ष उन्होंने सिलीगुड़ी के सुकना में और 2022 में उत्तराखंड के औली में इस परंपरा को निभाया था। इस बार भुज में उनका यह दौरा सैनिकों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सरकार के संकल्प को दर्शाता है।

राष्ट्र के लिए संदेश

यह आयोजन न केवल सैन्य परंपराओं को मजबूत करेगा, बल्कि देशवासियों को एकता और विजय का संदेश भी देगा। दशहरा का पर्व हमें सिखाता है कि सत्य और धर्म की हमेशा जीत होती है। रक्षा मंत्री का यह दौरा सैनिकों के बलिदान और समर्पण को सम्मान देने का एक अवसर है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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