प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिन: जीवन, परिवार और राजनीतिक सफर
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक, 17 सितंबर 2025 को अपना 75वां जन्मदिन मनाएंगे। 1950 में गुजरात के वडनगर में जन्मे मोदी जी का जीवन संघर्ष, समर्पण और सेवा की मिसाल है। इस वर्ष का जन्मदिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे “सेवा पखवाड़ा” के रूप में मनाने की योजना बनाई है, जिसमें 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, स्वास्थ्य शिविर, प्रदर्शनियां और युवा कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा, दिल्ली में 75 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा, जो मोदी जी के योगदान को समर्पित होंगी। जनरेशन Z के बीच उनकी लोकप्रियता भी उल्लेखनीय है, जहां एक सर्वे में 60% युवाओं ने उनका समर्थन किया है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता दामोदरदास मुलचंद मोदी एक चाय विक्रेता थे, और मां हीराबेन मोदी घर संभालती थीं। मोदी जी छह भाई-बहनों में तीसरे थे और बचपन से ही परिवार की मदद करते थे। उन्होंने रेलवे स्टेशन पर पिता की चाय की दुकान पर काम किया, जो उनके जीवन की कठिनाइयों को दर्शाता है। शिक्षा की बात करें तो उन्होंने 1967 में वडनगर से हाई स्कूल पूरा किया। वे एक औसत छात्र थे, लेकिन बहस और थिएटर में रुचि रखते थे। 1978 में दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में बीए और 1983 में गुजरात विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री प्राप्त की.
बचपन से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े, जहां 8 वर्ष की उम्र में शामिल हुए। 1971 में वे आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक बन गए। 1975-1977 के आपातकाल के दौरान उन्होंने भूमिगत रहकर विरोधी गतिविधियों का संचालन किया।
परिवार
मोदी जी का पारिवारिक जीवन सरल और गोपनीय रहा है। उनके पिता दामोदरदास का निधन 1989 में और मां हीराबेन का 2022 में हुआ। वे पांच भाई-बहनों के साथ बड़े हुए, लेकिन उनके निजी जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं है। 1968 में 18 वर्ष की उम्र में उनका विवाह जशोदाबेन चिमनलाल मोदी से हुआ, जो उनकी जाति की परंपरा के अनुसार तय किया गया था। हालांकि, शादी के तुरंत बाद वे अलग हो गए और कभी साथ नहीं रहे। मोदी जी ने 2014 में पहली बार सार्वजनिक रूप से उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। उनके कोई संतान नहीं है, और वे अपना जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित मानते हैं। हाल के वर्षों में, उनकी मां पर विपक्षी टिप्पणियों पर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
राजनीतिक करियर
मोदी जी का राजनीतिक सफर आरएसएस से शुरू हुआ। 1985 में उन्हें बीजेपी में नियुक्त किया गया, जहां वे गुजरात इकाई के महासचिव बने। 2001 में वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने, जब केशुभाई पटेल को हटाया गया। उन्होंने 2002, 2007 और 2012 में चुनाव जीते और 2014 तक पद पर रहे। उनके कार्यकाल में गुजरात में आर्थिक विकास हुआ, जैसे टाटा मोटर्स का संयंत्र स्थापित करना और जल संरक्षण परियोजनाएं। हालांकि, 2002 के गुजरात दंगों पर विवाद रहा, जहां 1,000 से अधिक लोग मारे गए। सुप्रीम कोर्ट की जांच में उन्हें क्लीन चिट मिली।
2014 में वे बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बने और लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल की, बीजेपी को 282 सीटें मिलीं। वे वाराणसी से सांसद चुने गए। 2019 और 2024 में भी जीत हासिल की, हालांकि 2024 में एनडीए गठबंधन पर निर्भर रहे। उनके प्रमुख कार्यों में डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, जीएसटी, नोटबंदी, अनुच्छेद 370 की समाप्ति और नागरिकता संशोधन अधिनियम शामिल हैं। कोविड-19 महामारी में वैक्सीनेशन कार्यक्रम चलाया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि मजबूत की, जैसे 2023 जी20 शिखर सम्मेलन।
उपलब्धियां और विवाद
मोदी जी को आर्थिक सुधारों, विदेशी निवेश बढ़ाने और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जाना जाता है। उन्होंने पुलवामा हमले के बाद बालाकोट एयरस्ट्राइक का नेतृत्व किया। हालांकि, लोकतंत्र की गिरावट, संस्थानों की कमजोरी और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर प्रभाव के आरोप लगे हैं। 2024 चुनाव में विपक्ष ने चुनावी धांधली के दावे किए।
2025 में उनका 75वां जन्मदिन स्वास्थ्य अभियान “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार” के शुभारंभ के साथ मनाया जाएगा, जिसमें 75,000 स्वास्थ्य शिविर आयोजित होंगे। मोदी जी का जीवन एक चाय विक्रेता से विश्व नेता बनने की प्रेरणादायक कहानी है, जो भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प से जुड़ी है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




