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इंटेल सीईओ का ओडिशा दौरा: सेमीकंडक्टर प्लांट के उद्घाटन की शुरुआत

भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में, इंटेल कॉर्पोरेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) लिप-बु तान इस वर्ष के अंत में ओडिशा का दौरा करने वाले हैं। यह दौरा 3D ग्लास सॉल्यूशंस (3DGS) के सेमीकंडक्टर प्लांट के शिलान्यास समारोह के लिए है, जो ओडिशा को भारत का अगला सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस लेख में हम इस दौरे के महत्व, परियोजना के विवरण, और इसके आर्थिक व सामाजिक प्रभावों पर चर्चा करेंगे।

इंटेल सीईओ का दौरा: पृष्ठभूमि

दौरा तिथि: नवंबर-दिसंबर 2025 (संभावित, अंतिम तारीख की प्रतीक्षा)
उद्देश्य: 3D ग्लास सॉल्यूशंस के सेमीकंडक्टर पैकेजिंग प्लांट का शिलान्यास
स्थान: भुवनेश्वर, इन्फोवैली

ओडिशा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव विशाल कुमार देव ने बताया कि इंटेल के सीईओ लिप-बु तान 3DGS के शिलान्यास समारोह में भाग लेने के लिए ओडिशा आएंगे। यह समारोह अगले दो से तीन महीनों में होने की उम्मीद है, जिसके लिए तारीख की पुष्टि की जा रही है। यह परियोजना इंटेल कॉर्पोरेशन के साथ-साथ लॉकहीड मार्टिन और एप्लाइड मटेरियल्स जैसे अन्य वैश्विक तकनीकी दिग्गजों द्वारा समर्थित है।

3D ग्लास सॉल्यूशंस परियोजना: मुख्य विशेषताएं

3D ग्लास सॉल्यूशंस का सेमीकंडक्टर पैकेजिंग प्लांट हेटेरोजेनियस इंटीग्रेशन पैकेजिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना के कुछ प्रमुख बिंदु हैं:

  • निवेश: 1,943 करोड़ रुपये

  • उत्पादन क्षमता: प्रतिवर्ष 5 करोड़ यूनिट्स

  • स्थान: भुवनेश्वर, इन्फोवैली

  • प्रमुख साझेदार: इंटेल, लॉकहीड मार्टिन, एप्लाइड मटेरियल्स

  • उत्पादन शुरू होने की समयसीमा: 2027 तक व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद

यह परियोजना भारत में पहली ऐसी सेमीकंडक्टर परियोजना है, जिसमें इंटेल कॉर्पोरेशन जैसे वैश्विक दिग्गज शामिल हैं। यह प्लांट उन्नत पैकेजिंग तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करेगा, जो टेलीकॉम, ऑटोमोटिव, और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में उपयोगी होगा।

ओडिशा में सेमीकंडक्टर क्रांति

ओडिशा सरकार ने सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके अतिरिक्त, सिक्सेम प्राइवेट लिमिटेड द्वारा एक और सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास अगले महीने होने वाला है, जो यूके की क्लास-सिक वेफर फैब के सहयोग से सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) आधारित पहला कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब होगा। इसकी व्यावसायिक उत्पादन 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है।

इसके अलावा, आरआईआर पावर इलेक्ट्रॉनिक्स ने 618 करोड़ रुपये के निवेश के साथ सिलिकॉन कार्बाइड वेफर फैब्रिकेशन सुविधा शुरू की है, जिसका व्यावसायिक उत्पादन मार्च 2026 तक शुरू होगा। ओडिशा सरकार ने सेमीकंडक्टर नीति को संशोधित किया है, जिसमें केंद्र सरकार के प्रोत्साहन के अतिरिक्त 50% प्रोत्साहन और इंजीनियरिंग छात्रों को सेमीकंडक्टर विषय चुनने पर 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

  1. रोजगार सृजन:
    3DGS और सिक्सेम जैसी परियोजनाएं हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेंगी। खासकर, तकनीकी और गैर-तकनीकी क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।

  2. आर्थिक विकास:
    इन परियोजनाओं से ओडिशा में 2,655 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित हुआ है। यह स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।

  3. प्रौद्योगिकी हब के रूप में ओडिशा:
    ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि ये परियोजनाएं राज्य को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स नवाचार का केंद्र बनाएंगी। भुवनेश्वर में इन्फोवैली और खुरदा-गंजम जिलों में ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग) क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।

  4. कौशल विकास:
    ओडिशा सरकार ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की कमी को दूर करने के लिए भुवनेश्वर में वर्ल्ड स्किल सेंटर का विस्तार और तीन नए परिसर स्थापित करने की योजना बनाई है, जो चिप डिजाइन और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

इंटेल का योगदान और वैश्विक महत्व

इंटेल, जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर चिप निर्माता कंपनी है, भारत में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। लिप-बु तान, जो मार्च 2025 में इंटेल के सीईओ बने, पहले कैडेंस डिजाइन सिस्टम्स के सीईओ रह चुके हैं और सेमीकंडक्टर उद्योग में उनकी विशेषज्ञता इस परियोजना को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

यह परियोजना भारत की सेमीकंडक्टर मिशन का हिस्सा है, जिसके तहत 76,000 करोड़ रुपये की 10 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। यह भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं

हालांकि यह परियोजना आशाजनक है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं:

  • कुशल मानव संसाधन की कमी: सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए विशेषज्ञता की आवश्यकता है, जिसके लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जरूरत है।

  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा: इंटेल को एनवीडिया और टीएसएमसी जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जो भारत में भी निवेश बढ़ा रही हैं।

  • पर्यावरणीय चिंताएं: सेमीकंडक्टर निर्माण में जल और ऊर्जा की खपत अधिक होती है, जिसके लिए स्थायी समाधानों की आवश्यकता है।

भविष्य में, ओडिशा सरकार की प्रोत्साहन नीतियां और केंद्र सरकार के भारत सेमीकंडक्टर मिशन के साथ मिलकर, यह परियोजना भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना सकती है।

इंटेल सीईओ लिप-बु तान का ओडिशा दौरा न केवल 3D ग्लास सॉल्यूशंस के सेमीकंडक्टर प्लांट के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, बल्कि यह भारत के तकनीकी और आर्थिक विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। यह परियोजना ओडिशा को सेमीकंडक्टर नवाचार का केंद्र बनाने और भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिक जानकारी के लिए, ओडिशा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या इंटेल के समाचार पोर्टल की जांच करें।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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