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सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025: उत्तर प्रदेश में व्यापार और उद्योग को नए आयाम पर ले जाने की पहल

 

सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025: उत्तर प्रदेश में व्यापार और उद्योग को नए आयाम पर ले जाने की पहल

1. प्रस्ताव और उद्देश्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि उत्तर प्रदेश सरकार शीघ्र ही ‘सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ कैबिनेट में प्रस्तुत करेगी। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य के 13 प्रमुख उद्योग एवं व्यापार संबंधी अधिनियमों में लगभग 99% आपराधिक (क्रिमिनल) प्रावधानों को समाप्त करना है।

2. शामिल अधिनियम और मुख्य परिवर्तन

इस विधेयक के तहत जिन प्रमुख कानूनों में संशोधन प्रस्तावित है, उनमें शामिल हैं:

  • आबकारी अधिनियम (Excise Act)
  • शीरा अधिनियम (Molasses Act)
  • वृक्ष संरक्षण अधिनियम (Tree Protection Act)
  • राजस्व संहिता (Revenue Code)
  • गन्ना अधिनियम
  • भूजल अधिनियम (Groundwater Act)
  • नगर निगम अधिनियम
  • प्लास्टिक कचरा अधिनियम
  • सिनेमा अधिनियम (Cinema Act)
  • क्षेत्र व जिला पंचायत अधिनियम (Area & District Panchayat Acts) समेत कई अन्य

इन कानूनों में जहां पहले कारावास (जेल की सजा) का प्रावधान था, वहीं अब आर्थिक दंड (मॉनिटरी पेनल्टी) और प्रशासनिक कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाएगी।

3. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस हेतु सुधार

मुख्यमंत्री ने Ease of Doing Business को और सशक्त बनाने की आवश्यकता को जोर देकर कहा। इसके अंतर्गत प्रस्तावित हैं:

  • फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि में वृद्धि
  • दुकानों एवं प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव
  • निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड-पार्टी ऑडिट जैसी प्रणालियाँ लागू करना

4. श्रमिकों के हित का ध्यान

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि सुधारों के साथ श्रमिकों की सुरक्षा, सुविधा और हितों की रक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। यह विधेयक उद्यमियों और श्रमिकों—दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होना चाहिए।

5. डिजिटल पारदर्शिता—‘निवेश मित्र 3.0’

इसके अलावा सरकार ‘निवेश मित्र 3.0’ नामक एक नया डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च कर रही है, जिसमें शामिल हैं:

  • सामान्य आवेदन फॉर्म (Common Application Form)
  • पैन आधारित पहचान (PAN-based ID)
  • स्मार्ट डैशबोर्ड
  • बहुभाषीय सहायता
  • एआई चैटबोट जैसी सुविधाएँ, ताकि आवेदन प्रक्रिया सरल और समयबद्ध हो 

संभावित लाभ और चुनौतियां

लाभ:

  • व्यापार में सुगमता: कारावास की जगह आर्थिक दंड आने से प्रक्रिया सरल होगी।
  • निवेश को मिलेगी प्रोत्साहना: कानूनों की सख्ती कम होने से उद्यमियों को लाभ होगा।
  • नौकरी के नए अवसर: उद्योगों में विस्तार से रोजगार बढ़ने की संभावना।
  • प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता: डिजिटल पहल और थर्ड-पार्टी ऑडिट से भरोसा बढ़ेगा।

चुनौतियां:

  • श्रमिक सुरक्षा संतुलन: सुधार करते समय श्रमिकों के अधिकारों का संतुलित ध्यान रखना जरूरी है।विभागीय आपत्तियाँ: कुछ विभागों ने इस विधेयक पर आपत्तियाँ दर्ज की हैं—उनका संतुलित समाधान आवश्यक होगा।

“सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025” उत्तर प्रदेश को उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में एक नया मुकाम दे सकता है। यदि यह विधेयक सफलतापूर्वक लागू होता है, तो यह देश में व्यापार नियमों को अधिक व्यावहारिक और उदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगा।

 

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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