लेख: पाकिस्तान की चिंता बढ़ी – 5 अगस्त को दिल्ली में NDA की विशेष बैठक को लेकर पाक मीडिया और रणनीतिक हलकों में बेचैनी
नई दिल्ली, 7 अगस्त 2025
पाकिस्तान में राजनीतिक और रणनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है क्योंकि 5 अगस्त को नई दिल्ली में हुई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की उच्चस्तरीय बैठक को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही हैं। पाक मीडिया और थिंक टैंक इस बैठक को भारत के संभावित कड़े कदमों से जोड़ रहे हैं, विशेषकर जम्मू-कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान से जुड़ी नीति पर।
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्टिंग
पाक मीडिया चैनलों जैसे Geo News, ARY News और अखबार Dawn ने इस बैठक को “सुरक्षा और रणनीतिक नीति पर केंद्रित” बताया है। उनकी चिंता यह है कि भारत सरकार गुप्त रूप से पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) को लेकर कोई बड़ा फैसला लेने की तैयारी कर रही है।
एक रिपोर्ट में कहा गया –
“भारत सरकार अनुच्छेद 370 की वर्षगांठ पर फिर से कोई बड़ा कदम उठा सकती है। NDA की यह बैठक कूटनीतिक और सैन्य दिशा तय करने की कोशिश हो सकती है।”
5 अगस्त की संवेदनशीलता
5 अगस्त का दिन पहले से ही संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि 2019 में इसी दिन केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था।
NDA की बैठक इस ऐतिहासिक दिन पर होने से पाकिस्तानी विशेषज्ञ इसे एक संदेश के रूप में देख रहे हैं कि भारत सरकार आने वाले समय में फिर कोई “एकतरफा भू-राजनीतिक निर्णय” ले सकती है।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाक विदेश मंत्रालय ने “भारत की आंतरिक बैठक” पर औपचारिक टिप्पणी तो नहीं की, लेकिन कई पाकिस्तानी रणनीतिक विशेषज्ञों ने ट्विटर और सार्वजनिक मंचों पर कहा कि –
“भारत एक बार फिर स्थिति को बदलने की कोशिश कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।”
भारत का रुख – NDA की बैठक में क्या हुआ?
हालांकि भारत सरकार की ओर से इस बैठक के बारे में आधिकारिक रूप से कोई बड़ा बयान नहीं आया, लेकिन सूत्रों के अनुसार बैठक में आंतरिक सुरक्षा, सीमावर्ती राज्यों की स्थिति, और आगामी लोकसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा हुई।
विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, NSA, और सीनियर BJP नेता मौजूद थे, जो इसकी गंभीरता को दर्शाता है।
विश्लेषण: क्या डर जायज़ है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार पाकिस्तान की चिंता अतिशयोक्तिपूर्ण जरूर है, लेकिन भारत की सख्त और स्पष्ट नीति के चलते यह चिंता उसकी असुरक्षा को दिखाती है। NDA की बैठकें स्वाभाविक राजनीतिक प्रक्रिया हैं, लेकिन 5 अगस्त जैसे तारीख पर बैठक से साफ संदेश जाता है – भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर बिल्कुल स्पष्ट है।
दिल्ली में 5 अगस्त को हुई NDA की बैठक ने सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के भीतर भी रणनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। भारत सरकार ने भले ही इस पर कोई आक्रामक बयान नहीं दिया, लेकिन पाकिस्तान की चिंता इस बात की पुष्टि करती है कि भारत की नीति अब निर्णायक और स्पष्ट है, और कोई भी अस्थिरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




