प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा बयान: “भारत हर चुनौती के लिए तैयार”, अमेरिका द्वारा 50% टैरिफ लगाने पर सख्त प्रतिक्रिया
नई दिल्ली, 7 अगस्त 2025 | व्यापार व वैश्विक राजनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाए जाने को लेकर पहली बार कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “भारत अब वैश्विक मंच पर झुकने वाला नहीं, बल्कि हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है।”
क्या है मामला?
हाल ही में अमेरिका की सरकार ने भारत से आयात होने वाले स्टील, फार्मास्युटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उत्पादों पर 50% तक का आयात शुल्क (टैरिफ) लागू कर दिया है।
अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि यह फैसला “घरेलू उद्योग की रक्षा” के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि, भारत ने इस फैसले को WTO के नियमों के विरुद्ध और अनुचित बताया है।
प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा:
“भारत अब 1991 वाला भारत नहीं रहा। आज का भारत आत्मनिर्भर है, और अपने हितों की रक्षा करना जानता है। हम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बन चुके हैं। अगर कोई हमारी अर्थव्यवस्था को दबाने की कोशिश करता है, तो हम आर्थिक और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर जवाब देंगे।”
उन्होंने आगे कहा:
“हमने उत्पादन बढ़ाया है, प्रतिस्पर्धा बढ़ाई है और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया है। अगर कोई देश हमारे उत्पादों पर टैरिफ लगाता है, तो हमारे पास उससे निपटने के लिए रणनीति भी है और साहस भी।”
सरकार की संभावित प्रतिक्रिया
वाणिज्य मंत्रालय ने संकेत दिया है कि भारत भी प्रतिसादात्मक टैरिफ (retaliatory tariffs) पर विचार कर रहा है। इसके अलावा भारत WTO में इस फैसले को चुनौती देने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस पार्टी ने कहा कि यह स्थिति दर्शाती है कि भारत की व्यापारिक कूटनीति में कहीं न कहीं कमजोरी रही है। वहीं, सरकार ने इसे “भारत की मज़बूती और स्वाभिमान का टेस्ट” बताया है।
वैश्विक प्रतिक्रियाएं
- यूरोपीय यूनियन ने अमेरिका के इस कदम को “व्यापारिक असंतुलन” करार दिया है।
- चीन ने कहा कि अमेरिका की नीति अब स्पष्ट रूप से प्रोटेक्शनिज्म (संरक्षणवाद) की ओर बढ़ रही है।
भारत की तैयारियां
- भारत ने मेक इन इंडिया, PLI योजनाएं और नए व्यापार समझौते जैसे कदम उठाए हैं ताकि आयात पर निर्भरता घटे।
- कई अमेरिकी कंपनियों को भी भारत में निवेश के लिए आकर्षित किया गया है, जिससे द्विपक्षीय संतुलन बना रहे।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




