अभिनेता दर्शन ने सुप्रीम कोर्ट से की अपील: हत्या के मामले में ज़मानत रद्द न की जाए
नई दिल्ली, 7 अगस्त 2025 | न्याय & मनोरंजन
दक्षिण भारतीय फिल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता दरशन थूगुदीप ने हत्या के एक मामले में अपनी ज़मानत को बरकरार रखने की गुहार सुप्रीम कोर्ट से की है। कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा उन्हें दी गई ज़मानत को राज्य सरकार और पीड़ित पक्ष ने चुनौती दी है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है।
क्या है मामला?
दरशन पर बेंगलुरु में एक व्यक्ति रेणुका स्वामी की कथित हत्या में शामिल होने का आरोप है। पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, यह हत्या जून 2024 में हुई थी, जिसमें दरशन समेत कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था।
FIR के मुताबिक, रेणुका स्वामी ने सोशल मीडिया पर अभिनेत्री पावनी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे नाराज होकर कथित रूप से दरशन और उसके साथियों ने उसे बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई।
कब मिली थी ज़मानत?
कर्नाटक हाईकोर्ट ने जुलाई 2025 में दरशन को ज़मानत देते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है जो उनके हत्या में प्रत्यक्ष संलिप्तता को साबित करता हो। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें देश छोड़ने और गवाहों से संपर्क करने पर रोक लगाई थी।
सरकार और पीड़ित पक्ष का विरोध
कर्नाटक सरकार और रेणुका स्वामी के परिजनों ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने दलील दी है कि:
- दरशन जैसे प्रभावशाली व्यक्ति बाहर रहने से गवाहों को धमकाने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका है।
- यह मामला आम नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित हत्या है, और आरोपी को कठोर दृष्टिकोण से देखना चाहिए।
दरशन का पक्ष
दरशन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि:
- उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं है।
- जांच के दौरान वे पूरी तरह सहयोग करते रहे हैं।
- वे न्यायालय की सभी शर्तों का पालन कर रहे हैं और न ही किसी गवाह से संपर्क किया है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है और न्याय के हित में सभी पक्षों को सुना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि आरोपी का सार्वजनिक प्रभाव ज़रूर ध्यान में रखा जाएगा, लेकिन केवल मीडिया ट्रायल के आधार पर ज़मानत रद्द नहीं की जा सकती।
अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 19 अगस्त 2025 तय की है। तब तक दरशन की ज़मानत पर रोक नहीं लगाई गई है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




