अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाए जाने पर सिंगापुर के विदेश मंत्री की तीखी प्रतिक्रिया – कहा, वैश्विक व्यापार संतुलन खतरे में
📍 सिंगापुर / वाशिंगटन
📅 6 अगस्त 2025
अमेरिका द्वारा भारत समेत कई एशियाई देशों पर 25% टैरिफ लगाए जाने के फैसले पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया लगातार तेज होती जा रही है। अब सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने भी इस पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि यह कदम वैश्विक व्यापार व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है और “छोटे लेकिन खुले अर्थव्यवस्था वाले देशों” के लिए यह स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
सिंगापुर के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
एक अंतरराष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन में बोलते हुए विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने कहा:
“अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाना WTO के नियमों की भावना के विपरीत है। इससे वैश्विक व्यापार संतुलन प्रभावित होगा, और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में अस्थिरता बढ़ेगी।”
उन्होंने विशेष रूप से भारत, वियतनाम, सिंगापुर और मलेशिया जैसे देशों के उत्पादों पर टैरिफ लागू करने पर आश्चर्य जताया और इसे राजनीतिक निर्णय करार दिया, जो आर्थिक तर्क पर आधारित नहीं है।
अमेरिका का निर्णय और उसका असर
हाल ही में अमेरिका ने यह दावा करते हुए टैरिफ लागू किया कि कुछ एशियाई देशों से आयात हो रहे उत्पाद “अमेरिकी बाजार में असंतुलन और नुकसान” पहुँचा रहे हैं। इस फैसले से विशेष रूप से निम्न क्षेत्रों पर प्रभाव पड़ा है:
- टेक्नोलॉजी हार्डवेयर (चिप्स, मोबाइल उपकरण)
- स्टील और एल्यूमिनियम उत्पाद
- ऑटो पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक सामान
सिंगापुर की चिंता क्यों?
सिंगापुर, जो पूरी तरह से निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था पर निर्भर है, का कहना है कि ऐसे टैरिफ निर्णय छोटे देशों की आर्थिक सुरक्षा को चुनौती देते हैं। मंत्री ने कहा:
“हमारा पूरा सिस्टम पारदर्शिता, नियम-आधारित व्यापार और बहुपक्षीय समझौतों पर टिका है। ऐसे एकतरफा कदम न केवल व्यापार को चोट पहुंचाते हैं, बल्कि भू-राजनीतिक अस्थिरता भी बढ़ाते हैं।”
भारत और सिंगापुर की प्रतिक्रिया में समानता
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी हाल ही में कहा था कि भारत अपने आर्थिक हितों की सुरक्षा करेगा और अमेरिका के इस निर्णय पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। सिंगापुर और भारत, दोनों देशों की प्रतिक्रिया यह दिखाती है कि एशिया अब व्यापारिक अन्याय को चुपचाप सहने वाला नहीं रहा।
निष्कर्ष
सिंगापुर जैसे देश की सीधी प्रतिक्रिया यह स्पष्ट संकेत है कि अमेरिका की टैरिफ नीति को लेकर एशिया में असंतोष बढ़ रहा है। यह मुद्दा आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंचों और कूटनीतिक बैठकों में प्रमुख रूप से उठाया जा सकता है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




