अयोध्या-वाराणसी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, 2030 तक बनकर होगी तैयार
नई दिल्ली / अयोध्या / वाराणसी
6 अगस्त 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आज अयोध्या से वाराणसी के बीच हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना को मंजूरी दे दी गई। इस ऐतिहासिक परियोजना को भारत की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी और धार्मिक नगरी अयोध्या को जोड़ने वाली आधुनिक परिवहन प्रणाली के रूप में देखा जा रहा है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएँ:
- रूट: अयोध्या → जौनपुर → वाराणसी
- कुल दूरी: लगभग 135 किलोमीटर
- गति: 320 किलोमीटर प्रति घंटा
- यात्रा समय: केवल 40 मिनट
- निर्माण अवधि: वर्ष 2025 से 2030
- लागत: ₹38,000 करोड़ (अनुमानित)
- प्रौद्योगिकी सहयोग: जापान से शिंकानसेन तकनीक आधारित
क्या बोले मंत्री?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया:
“यह परियोजना उत्तर प्रदेश को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इससे न केवल तीर्थयात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।”
उन्होंने बताया कि यह कॉरिडोर देश की धार्मिक पर्यटन सर्किट की रीढ़ बनेगा।
परियोजना के लाभ:
✅ अयोध्या और वाराणसी के बीच तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को तेज़ और सुरक्षित यात्रा सुविधा
✅ रोजगार के हजारों नए अवसर
✅ स्थानीय कारोबार, होटल और सेवा क्षेत्र को आर्थिक लाभ
✅ पर्यावरण के अनुकूल उच्च तकनीक परिवहन प्रणाली
✅ उत्तर प्रदेश को बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़ने वाला पहला प्रोजेक्ट
भूमि अधिग्रहण और स्टेशनों की योजना:
इस परियोजना के तहत 3 मुख्य स्टेशन बनाए जाएंगे:
- अयोध्या बुलेट ट्रेन टर्मिनल
- जौनपुर इंटरचेंज स्टेशन
- वाराणसी बुलेट ट्रेन स्टेशन
रेलवे बोर्ड ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए हैं।
निष्कर्ष:
अयोध्या-वाराणसी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश के लिए, बल्कि पूरे भारत के रेलवे ढांचे के लिए एक नया युग लेकर आएगी। धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ने के साथ-साथ यह परियोजना तकनीकी आत्मनिर्भरता, पर्यटन वृद्धि और आर्थिक प्रगति की मिसाल बनेगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




