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स्वदेशी रक्षा निर्माण सप्ताह: आत्मनिर्भर भारत की ओर एक सशक्त कदम – प्रधानमंत्री मोदी

स्वदेशी रक्षा निर्माण सप्ताह: आत्मनिर्भर भारत की ओर एक सशक्त कदम – प्रधानमंत्री मोदी

दिनांक: 6 अगस्त 2025
नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘स्वदेशी रक्षा निर्माण सप्ताह’ (Swadeshi Raksha Nirman Saptah) की भव्य शुरुआत करते हुए देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई ऊर्जा दी। इस सप्ताह का उद्देश्य भारत में रक्षा उपकरणों, हथियारों और तकनीक के निर्माण को बढ़ावा देना है ताकि भारत न केवल अपने लिए, बल्कि वैश्विक बाजार के लिए भी रक्षा उत्पादन केंद्र बन सके।

 पीएम मोदी का संबोधन:

कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:

“भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का खरीदार नहीं रहेगा, बल्कि विश्व को रक्षा समाधान देने वाला देश बनेगा। स्वदेशी रक्षा निर्माण, न केवल हमारे सैनिकों की आत्मनिर्भरता को मज़बूत करेगा, बल्कि युवाओं को रोजगार और स्टार्टअप्स को अवसर भी देगा।”

उन्होंने आगे कहा कि “आत्मनिर्भर भारत” केवल एक नारा नहीं, बल्कि 21वीं सदी के भारत की रणनीतिक योजना है। सरकार रक्षा क्षेत्र को ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का प्रमुख स्तंभ बना चुकी है।

 क्या है ‘स्वदेशी रक्षा निर्माण सप्ताह’?

यह सप्ताह 6 अगस्त से 12 अगस्त तक पूरे देश में मनाया जाएगा। इसमें देशभर के रक्षा निर्माण संयंत्रों, DRDO प्रयोगशालाओं, रक्षा स्टार्टअप्स और निजी कंपनियों द्वारा निम्नलिखित गतिविधियाँ की जाएँगी:

  • नई तकनीकों और उत्पादों की प्रदर्शनी
  • रक्षा उत्पादन में नवाचार पर सेमिनार और कार्यशालाएँ
  • रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी को प्रोत्साहन
  • ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा उत्पादों का सार्वजनिक प्रदर्शन

 DRDO और निजी कंपनियों की भागीदारी

इस सप्ताह DRDO (Defence Research and Development Organisation) और HAL (Hindustan Aeronautics Limited) जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के साथ-साथ कई निजी कंपनियाँ भी अपने नवीन रक्षा उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी।

पीएम मोदी ने खासतौर पर भारत में बनी नई पीढ़ी की असॉल्ट राइफल, ड्रोन सिस्टम, स्मार्ट बम, और बॉर्डर सर्विलांस सिस्टम की सराहना की।

 भविष्य की योजनाएँ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक भारत रक्षा निर्यात में दुनिया के टॉप 5 देशों में शामिल हो। इसके लिए उत्पादन में निजी निवेश, तकनीकी नवाचार, और युवा इंजीनियरों की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश:

“भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का खरीदार नहीं, बल्कि निर्माता और निर्यातक बनेगा।”

मुख्य उद्देश्य:

  • आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा क्षेत्र को मजबूत करना
  • स्वदेशी तकनीक और रक्षा उत्पादों को बढ़ावा देना
  • रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ाना

प्रमुख गतिविधियाँ:

क्र. गतिविधि विवरण
1️⃣ रक्षा प्रदर्शनी स्वदेशी हथियार, ड्रोन, उपकरण
2️⃣ DRDO व HAL की भागीदारी नए उत्पादों का अनावरण
3️⃣ सेमिनार और कार्यशालाएँ तकनीकी नवाचार पर चर्चा
4️⃣ निजी स्टार्टअप्स की भागीदारी रक्षा उत्पादों का प्रदर्शन

सरकार का लक्ष्य (2030 तक):

  • भारत टॉप 5 रक्षा निर्यातक देशों में शामिल हो
  • ₹1 लाख करोड़ का रक्षा निर्यात
  • युवाओं के लिए लाखों रोजगार

प्रदर्शित प्रमुख उत्पाद:

  • अगली पीढ़ी की असॉल्ट राइफल
  • स्मार्ट बम और बमवर्षक ड्रोन
  • बॉर्डर सर्विलांस सिस्टम
  • इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली

संलग्न संस्थान:

  • DRDO
  • HAL
  • भारत डायनामिक्स लिमिटेड
  • टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स
  • लार्सन एंड टुब्रो डिफेंस

निष्कर्ष:

“स्वदेशी रक्षा निर्माण सप्ताह” भारत को ‘डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग ग्लोबल हब’ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

अजय कुमार पांडेय, संपादक एसएसएन के कलम से,

‘स्वदेशी रक्षा निर्माण सप्ताह’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत के रक्षा आत्मनिर्भरता के मिशन की एक मजबूत कड़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले समय में भारत रक्षा क्षेत्र में तकनीकी शक्ति और उत्पादन क्षमता के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाएगा।

 

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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