विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR‑2025) के बाद 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित हुई ड्राफ्ट मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) पर एक संपूर्ण लेख प्रस्तुत है:प्रधान संपादक अजय कुमार पांडे
बिहार में जारी हुई ड्राफ्ट मतदाता सूची — SIR‑2025 का अपडेट
आख़िरी स्थिति
चुनाव आयोग ने 1 अगस्त 2025 को बिहार की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। यह सूची बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के अंतर्गत Special Intensive Revision (SIR) के पहले चरण के बाद बनाई गई है
एंटी-डुप्लीकेशन और क्लीन‑अप
- प्रारंभ में राज्य में लगभग 7.89 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे। SIR प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट सूची में मान्य पंजीकरणों की संख्या लगभग 7.24 करोड़ रह गई है
- कुल 65.2 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं:
- मृतक: ≈ 22.3 लाख
- स्थायी स्थानांतरण या अज्ञात: ≈ 36.3 लाख
- दोहरे पंजीकरण: ≈ 7.0 लाख
जिला वार स्थिति
- सबसे अधिक नाम पटना (≈ 3.95 लाख), इसके बाद मधुबनी, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और किशनगंज जिलों में विलोपन की संख्या अधिक रही
- विशेष रूप से किशनगंज विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक नाम कटने की आशंका जताई गई है
ड्राफ्ट सूची वितरण और प्रक्रिया
- ड्राफ्ट लिस्ट प्रत्येक 243 विधानसभा क्षेत्र, यानी 90,712 मतदान केंद्र, की बूथ‑वार जानकारी सहित राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को वितरण की गई है
- यह सूची ऑनलाइन भी उपलब्ध कराई गई है: voters.eci.gov.in पर प्रत्येक मतदाता अपना नाम EPIC नंबर व अन्य जानकारी से देख सकते हैं
दावे और आपत्तियाँ (Claims & Objections)
- 1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक मतदाता या राजनीतिक दल निम्नलिखित के लिए आवेदन कर सकते हैं:
- नाम जोड़ने हेतु Form 6 जमा करें
- गलत प्रविष्टियों पर आपत्ति दर्ज करें (Form 7 / Form 8)
- बूथ‑लीवल अधिकारी (BLO) या ERO कार्यालय से संपर्क संभव है
- ध्यान दें: निष्पक्ष सुनवाई के बिना किसी का नाम ड्राफ्ट सूची से हटाया नहीं जा सकता
आलोचनाएं और विवाद
- विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया पर आरोप लगाया है कि यह गरीब, दलित, मुस्लिम और प्रवासी मतदाताओं के विलोपन को बढ़ावा देती है। कुछ ने कहा यह तैयारी NDA उम्मीदवारों की सहायता में सहायक हो सकती है
- सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि SIR का उद्देश्य समावेशी होना चाहिए, बहिष्कृत नहीं ।
निष्कर्ष
बिहार में SIR‑2025 के तहत जारी यह ड्राफ्ट मतदाता सूची एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है, जिसका उद्देश्य सूची को निष्पक्ष, पारदर्शी और अद्यतित बनाना है। अब मतदाताओं को अपने नाम की पुष्टि, जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि अंतिम सूची 30 सितंबर 2025 तक जारी होगी
विधिवत सुझाव
- Election आयोग की वेबसाइट पर EPIC या नाम से जाँच करें।
- यदि नाम शामिल नहीं है, तो Form 6 भरें या आपत्ति दर्ज करें।
- दलित, प्रवासी, या नए मतदाता (18 वर्ष) होने पर विशेष ध्यान दें।
- स्थानीय BLO या ERO कार्यालय से संपर्क कर सही जानकारी प्राप्त करें।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




