संसद में आज के मुख्य भाषण — एक विश्लेषण
🔹 1. विदेश मंत्री एस. जयशंकर (राज्यसभा में शुरुआत)
- राज्यसभा में दोपहर लगभग 12 बजे जयशंकर ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को पाकिस्तान और आतंक के खिलाफ भारत की “सोच-समझकर की गई” कार्रवाई करार दिया। उन्होंने कहा कि यह आत्मरक्षा का संतुलित परिपूर्ण मॉडल है, जिसमें नौ आतंक हब को निशाना बनाकर वैश्विक स्तर पर संदेश भेजा गया। साथ ही स्पष्ट किया कि भारत ने किसी विदेशी मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया और “न्यूक्लियर ब्लैकमेल” को भी खारिज किया। उन्होंने साफ कहा कि अप्रैल 22 से जून 16 तक मोदी और ट्रंप के बीच कोई फोन कॉल नहीं हुआ।
- उन्होंने आईडब्ल्यूटी (इंडस वाटर ट्रिटी) को निलंबित करने की घोषणा की जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन छोड़ता नहीं है।
🔹 2. गृह मंत्री अमित शाह (लोकसभा में जवाबी भाषण)
- अमित शाह ने विपक्ष की मांगों एवं आलोचनाओं का डेटा-आधारित उत्तर दिया। उन्होंने कांग्रेस पर टीका-टिप्पणी की कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा को राजनीतिक हथियार बना रही है। उन्होंने पूर्व होम मंत्री चिदंबरम समेत कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड को उद्धृत करते हुए भारत की नीति की स्पष्टता और अग्रगामी सोच पर जोर दिया।
🔹 3. राहुल गांधी (लोकसभा में विपक्ष की ओर से)
- राहुल गांधी ने पीएम मोदी की पाखंड और चीन-पाक समझौतों की चुप्पी पर कटाक्ष किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्यों किसी देश ने पाकिस्तान को पहलगाम हमले की निंदा नहीं की, जबकि यह हमारे नागरिकों पर हमला था। उन्होंने कहा कि वर्तमान नेतृत्व में 1971 जैसी राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है।
🔹 4. प्रियंका गांधी वाड्रा
- प्रियंका गांधी ने ऐतिहासिक संदर्भों को लक्षित करते हुए अमित शाह पर “इतिहास की दीवार का हवाला” देने का आरोप लगाया, और कहा कि कांग्रेस के पूर्व नेताओं का नाम लेकर सरकार असल सवालों से मुंह मोड़ रही है।
🔹 5. TMC सांसद सायनी घोष और सागरिका घोष
- सायनी घोष ने कहा कि ट्रंप ने सोशल मीडिया पर 28 बार घोषणा की कि उन्होंने भारत-पाक समझौता करवाने में भूमिका निभाई — जिससे भारत का कथ्य ( narrative ) वैश्विक पटल से गायब हो गया। उन्होंने मांग की कि सुरक्षा विफलताओं की गंभीर समीक्षा हो। सागरिका घोष ने पीएम मोदी के बयान “सिंदूर आपकी नसों में है” पर कटाक्ष करते हुए कहा कि असल में “राजनीति आपकी नसों में है”; यदि सचमुच ऐसा होता, तो आतंकवादी पहलगाम नहीं पहुँचते।
🔹 6. हिमंता बिस्वा सरमा (लोकसभा में)
- असम के मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर व्यक्तिगत हमला किया, आरोप लगाते हुए कि उनकी पत्नी और दोनों बच्चे विदेशी नागरिक हैं — और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंतनीय है। इस टिप्पणी ने बहस को और तीखा बना दिया।
🔹 7. जेपी नड्डा (राज्यसभा में)
- गुुस्से में बोले गए कुछ आपत्तिजनक शब्दों के बाद नड्डा ने मल्लिकार्जुन खड़गे से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और कहा कि संसद में असभ्य भाषा का कोई स्थान नहीं। उन्होंने अपने शब्द वापस लेने की घोषणा की।
सारांश तालिका
| वक्ता | मुख्य संदेश |
|---|---|
| एस. जयशंकर | वैश्विक स्तर पर भारत की स्पष्ट और मध्यस्थता-रहित नीति स्थापित हुई। |
| अमित शाह | विपक्षियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा को राजनीतिक रूप से प्रभावित करने का आरोप। |
| राहुल गांधी | विदेश नीति और सार्वजनिक समर्थन में विफलता की वजह से वर्तमान नेतृत्व की आलोचना। |
| प्रियंका गांधी | इतिहास के नाम पर धोखे को उजागर करने का आरोप। |
| TMC सांसद | सरकार की कथ्य में ग़लतफहमीः ट्रंप की भूमिका पर सवाल, असंगति उजागर की। |
| हिमंता बिस्वा सरमा | विपक्ष की सदस्यता पर संदिग्धता खड़ी, बहस की पॉलिटिकल गर्मी। |
| जेपी नड्डा | सांसदों के व्यभिचार भरे भाषण पर सार्वजनिक माफी, संवैधानिक मर्यादा की पुकार। |
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




