बिहार — आज की दस बड़ी राजनीतिक खबरें
- तेजस्वी यादव का हमला: राज्य अपराधियों की ‘सरकार’, सरकार ‘बीमार’
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि पिछले सात दिनों में बिहार में 97 आपराधिक घटनाएं हुईं, जो राज्य में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति का संकेत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अपराधियों का बोलबाला है और सरकार नियंत्रण खो चुकी है। BJP पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह प्रदेश को ‘तालिबान’ बना रही है। - पीएम योजना से पहले बड़ा फैस़ला: आशा-ममता कार्यकर्ताओं की पारिश्रमिक में वृद्धि
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव से पहले आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय तीन गुना और ममता कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव दोगुना कर दिया। आशा कर्मचारियों को ₹3000 मासिक और ममता कार्यकर्ताओं को ₹600 प्रति प्रसव मिलेगा। इसे स्तरीय स्वास्थ्य सेवा भी बताया गया है। - Supreme Court की टिप्पणी: मतदाता सूची में जानबूझकर नामों की कटौती, न्यायपालिका करेगी हस्तक्षेप
सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि जीवित मतदाताओं को मृत दिखाकर सूची से हटाया गया है, तो यह गंभीर मामला है। अदालत ने बताया कि अगस्त 12‑13 को इसके ऊपर अंतिम सुनवाई होगी। - Special Intensive Revision (SIR): SC ने प्रक्रिया की अनुमति दी, राजनीतिक दलों को सक्रिय होने का आह्वान
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में हो रही मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया — SIR — को जारी रखने की अनुमति दी है। इससे आगामी चुनाव की तैयारियों खासकर दलों की रणनीति प्रभावित हो सकती है। - बहस तेज प्रताप यादव को लेकर: RJD में फूट की आशंका
तेज प्रताप यादव के बदलावू राजनीतिक रुख और टोपी रंग के चलते RJD में अंतर्विरोध की खबरें सामने आई हैं। विश्लेषकों ने चेताया कि यह पार्टी की चुनावी संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। - कुशासन पर विवाद, पप्पू यादव की राष्ट्रपति शासन की मांग
पूर्व सांसद पप्पू यादव ने राज्य में कानून व्यवस्था के ढहने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल से मिलकर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है, ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें। - मुजफ्फरपुर में RJD नेताओं की तीखी टिप्पणी: “नीतीश ने बिहार गिरवी रख दिया”
आरजेडी नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य को ऐसा संकट में पहुंचाया कि इसे गिरवी रख दिया गया है। उन्होंने आगामी संघर्ष जारी रखने का एलान किया। - दलित राजनीति में विभाजन: मनझी‑चिराग टकराव BJP को लाभ पहुँचा रहा है
जदयू से अलग दोनों दलीय नेता—Jitan Ram Manjhi और Chirag Paswan— के बीच टकराव के चलते BJP को मगध क्षेत्र में लाभ मिल रहा है क्योंकि दलित वोट विभाजित हो रहे हैं। - बिजली‑करी टीके का नामुट प्रमाण पत्र बना विवाद का केन्द्र
मसौढ़ी में एक कुत्ते के नाम पर निवास प्रमाण पत्र जारी होने की घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। RJD समेत विपक्ष ने इसे भ्रष्ट प्रणाली का उदाहरण बताया। - निर्दलीय MLC वंशीधर ब्रजवासी ने कुशवाहा और RJD को लगाया पछाड़
तिरहुत स्नातक उपचुनाव में निर्दलीय नेता वंशीधर ब्रजवासी ने JDU‑RJD और जन सुराज को हराकर जीत हासिल की। इसे बिहार की राजनीति में नई दिशा माना जा रहा है।
सारांश और विश्लेषण
- अपराध और कानून-व्यवस्था पर तीखी आलोचना से सरकार की छवि पर सवाल उठे हैं।
- राजनीतिक कदमों के तहत चुनाव से पहले जनहितकारी घोषणाएं की जा रही हैं।
- मतदाता सूची को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है, जिससे राजनीतिक दलों की तैयारियाँ प्रभावित होंगी।
- RJD के भीतर विरोध और तेज प्रताप की बगावत से पार्टी पर संकट मंडरा रहा है।
- दलित नेतृत्व के भीतर टकराव BJP को लाभ पहुँचा रहा है।
- रणनीतिक जीत और स्थानीय नेता की सफलता से नए राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




