संसद में राजनाथ सिंह का भाषण – ऑपरेशन सिंदूर पर आधारभूत रुख
संदर्भ
- पालमगाम आतंकवादी हमला: 22 अप्रैल 2025
- संसद में विशेष बहस: 28 जुलाई 2025
रक्षा मंत्री ने संसद में ऑपरेशन सिंदूर के उद्देश्य, रणनीति, निष्कर्ष और विपक्षी आरोपों का विस्तार से जवाब दिया।
मुख्य अंश
ऑपरेशन की प्रभावशीलता और रणनीति
- ऑपरेशन सिर्फ़ 22 मिनट में पूरा हुआ, जिसमें नौ आतंकवादी स्थलों पर पूर्ण निर्माणात्मक क्षति पहुँचाई गई, जबकि किसी भी भारतीय सैनिक को कोई नुकसान नहीं हुआ।
- सरकार के पास विकल्प थे, लेकिन इससे अधिक असरदार रणनीति चुनी गई ताकि आतंकवादी ठिकानों को लक्ष्यबद्ध किया जाए और पाक नागरिकों को नुकसान न पहुँचे।
✋ विपक्ष की प्रतिक्रियाओं पर प्रतिक्रिया
- कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सवाल उठाया कि आतंकवादी कैसे पठानकोट पहुंच पाए? लेकिन रक्षा मंत्री ने कहा कि यह बहस नहीं, कार्रवाई की आवश्यकता थी। उनके अनुसार विपक्ष ने गलत सवाल उठाए।
- उन्होंने कहा, “अपरेशन सिंदूर किस दबाव में रोका गया” यह आरोप पूरी तरह गलत है। युद्ध को रोका गया क्योंकि पूर्वनिर्धारित रणनीतिक लक्ष्य पूरे हो गए थे, किसी विदेशी हस्तक्षेप के कारण नहीं।
🇮🇳 राजनीतिक दृष्टिकोण और आत्मनिर्भरता
- यह ऑपरेशन “नयी भारत की प्रतिबद्धता” का प्रतीक है, जो आतंक से निपटने के लिए दृढ़ संकल्प और निर्णायक कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। यदि पूर्व सरकार ने मुंबई हमलों के तुरंत बाद दृढ़ता दिखाई होती, तो पाकिस्तान को झुकना पड़ता।
- जनहित में उन्होंने कहा, “अगर विपक्ष को कुछ पूछना है तो ऑपरेशन सफल हुआ या नहीं? हमारे सैनिकों को कोई नुकसान हुआ या नहीं? जवाब — ऑपरेशन सफल रहा, और कोई हानि नहीं हुई।”
भारतीय एयर डिफेंस तकनीक की भूमिका
- ऑपरेशन के दौरान S-400, आकाश मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस गन और काउंटर-ड्रोन तकनीक ने पाकिस्तान के हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया। कोई हमारी महत्वपूर्ण संपत्ति घायल नहीं हुई।
संपादक अजय पाण्डेय के कलम से निष्कर्ष
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भाषण भारत की सैन्य स्वतंत्रता, रणनीतिक स्पष्टता और विश्वसनीयता के लिए निर्णायक था। उन्होंने विपक्षी आरोपों का खंडन करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि ऑपरेशन सैन्य आवश्यकता और भू-राजनीतिक उद्देश्य का परिणाम था, न कि बाहरी दबाव का। पुरानी कूटनीति की जगह अब निर्णायक कार्रवाई का समय आ गया है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




