28 जुलाई 2025 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में अवसानेश्वर महादेव मंदिर परिसर में हुई त्रासद भगदड़ और करंट फैलने से हुई दुर्घटना पर आधारित एक विस्तृत रिपोर्ट
घटना का संक्षिप्त विवरण
- सावन माह के तीसरे सोमवार, यानी रात लगभग 2 बजे से जलाभिषेक आरंभ हुआ, जब अचानक करंट फैलने की अफवाह फैलने लगी और भीड़ में भगदड़ मच गई। इस हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई और लगभग 30 से 32 लोग घायल हो गए हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
कारण: बंदरों की हरकत से करंट फैला
- डीएम शशांक त्रिपाठी के अनुसार, कुछ बंदरों ने मंदिर परिसर में लगे बिजली के ओवरहेड तारों पर कूदना शुरू किया, जिससे एक वायर टूटकर नीचे स्थित टीन शेड पर गिर गया। इससे वहाँ करंट फैल गया।
- इस घटना से लोगों में भय व्याप्त हुआ और पैनिक से भगदड़ तेज हो गई। कुछ अधिकारियों ने बताया कि घटना में स्वयं करंट की वजह से लोग घायल हुए, जबकि कई की जान भी गई।
जान-माल के नुकसान
- दोनों मृतकों में लोनीकटरा थाना क्षेत्र के मुबारकपुरा गांव के 22‑वर्षीय प्रशांत शामिल थे। दूसरा मृतक लगभग 30‑वर्षीय बताया जा रहा है। वे दोनों त्रिवेदीगंज CHC में इलाज के दौरान मृत घोषित किए गए थे।
- कुल में लगभग 32 घायल, जिन्हें प्राथमिक इलाज के लिए हैदरगढ़ और त्रिवेदीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। गंभीर स्थिति वाले कुछ मरीजों को बाराबंकी जिला अस्पताल में रेफर किया गया।
राहत कार्य और प्रशासनिक कार्रवाई
- घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय सहित जिला प्रशासन मौके पर पहुँचा और स्थिति को नियंत्रित किया।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री की घोषणा सहित मृतकों के परिजनों को 5‑5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने घायलों के समुचित उपचार के निर्देश भी दिए।
- मृतकों और घायलों की संपूर्ण सूची जारी की गई है और एक मैजिस्ट्रेटियल जांच शुरू कर दी गई है, ताकि घटना के असली कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में खामियों की पहचान की जा सके।
घटना सारांश तालिका
| विषय | विवरण |
|---|---|
| स्थान | अवसानेश्वर महादेव मंदिर, हैदरगढ़, बाराबंकी (U.P.) |
| समय | 28 जुलाई, रात लगभग 2:00–2:30 बजे |
| कारण | बंदरों ने बिजली का तार तोड़ा → टीन शेड पर गिरा → करंट फैला → अफवाह → भगदड़ |
| मृतक | प्रशांत (22, मुबारकपुरा) व एक अन्य ~30 वर्षीय भक्त |
| घायलों की संख्या | लगभग 30–32 (महिलाएं और बच्चे शामिल) |
| उपचार स्थल | हैदरगढ़ CHC व त्रिवेदीगंज CHC; गंभीर अवस्थाओं में जिला अस्पताल रेफर |
| प्रशासनिक प्रतिक्रिया | DM और पुलिस द्वारा राहत कार्य, जांच शुरू, अस्पतालों में देख-रेख |
| राजकीय सहायता | सीएम ने मृतकों के परिवार को 5‑5 लाख की अनुग्रह राशि घोषित की |
व्यापक निष्कर्ष
इस दुर्घटना ने साफ़ कर दिया है कि धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों का अभाव, साथ ही हैरान कर देने वाली अप्रत्याशित घटनाएँ (जैसे कि जानवरों द्वारा तार को नुकसान), मानवीय जीवन के लिए गंभीर जोखिम बन सकती हैं। खासकर सावन जैसे त्योहारों पर सुरक्षा, crowd-management नियमों का पालन और आपात हेल्पलाइन सिस्टम की अनुपालन अति आवश्यक है।(अजय कुमार पांडेय, प्रधान संपादक- एसएसएन)
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




