नई दिल्ली, 11 अप्रैल 2026 — दिल्ली पुलिस ने शाहदरा जिले में दो महीने की लगातार छानबीन के बाद दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात ड्रग सिंडिकेट की सरगना कुसुम (54 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इसे ‘ड्रग क्वीन’ की गिरफ्तारी बताया है। कुसुम पर दिल्ली-एनसीआर में हेरोइन, स्मैक और ट्रामाडोल जैसी नशीली दवाओं का बड़ा नेटवर्क चलाने का आरोप है।
शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि कुसुम पिछले एक साल से फरार थी। मार्च 2025 में सुल्तानपुरी स्थित उसके घर पर छापा पड़ा था, जिसमें उसके बेटे अमित को गिरफ्तार किया गया था और बड़ी मात्रा में ड्रग्स, नकदी तथा एक महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन बरामद हुआ था। उस समय कुसुम पुलिस से बच निकली थी और उसके बाद से वह तीन राज्यों में छिपती फिर रही थी।
200 CCTV और 100 फोन रिकॉर्ड्स की मेहनत
पुलिस की टीम ने कुसुम को पकड़ने के लिए अभूतपूर्व तकनीकी छानबीन की। ऑपरेशन के दौरान:
- 200 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज को दिन-रात स्कैन किया गया।
- 100 से ज्यादा मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स (कॉल डिटेल्स और लोकेशन) की जांच की गई।
- दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई छापेमारी की गई।
9 अप्रैल को मिली खास सूचना के आधार पर आनंद विहार इलाके में पुलिस ने जाल बिछाया। सूचक ने मौके पर कुसुम की पहचान की, जिसके बाद वह भागने की कोशिश करने लगी, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
कुसुम का अपराध इतिहास और साम्राज्य
कुसुम सुल्तानपुरी की रहने वाली थी। पुलिस के अनुसार उसने सुल्तानपुरी में चार घरों को जोड़कर एक मिनी हवेली जैसा ठिकाना बनाया था, जिसे ‘सीसीटीवी किला’ कहा जाता था।
- घर के चारों ओर 17 CCTV कैमरे लगे थे।
- गलियों में लोहे के गेट और नाबालिग लड़के चौकीदार के रूप में तैनात थे।
- ड्रग्स की डील बालकनी से रस्सी के जरिए नीचे उतारी जाती थी।
पुलिस ने पहले ही कुसुम की 8 से 14 संपत्तियां जब्त की थीं, जिनकी अनुमानित कीमत 4 से 20 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। इनमें बैंक खातों में करोड़ों रुपये और रोहिणी, सुल्तानपुरी आदि इलाकों की प्रॉपर्टी शामिल हैं। कुसुम पर 11 से अधिक NDPS केस पहले से दर्ज हैं।
MCOCA के तहत कार्रवाई
पुलिस ने कुसुम पर MCOCA (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट) लगाने की तैयारी कर ली है, क्योंकि यह एक संगठित अपराध सिंडिकेट है। गिरफ्तारी के बाद से पूछताछ जारी है, जिसमें अन्य सहयोगियों और सप्लायर्स के नाम सामने आने की उम्मीद है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने इस ऑपरेशन की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के सही इस्तेमाल से बड़े-बड़े अपराधियों को पकड़ना संभव हो रहा है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




