पटना/लखनऊ, 14 अप्रैल 2026 – बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव! आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। इसके साथ ही बिहार को पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है और वे बिहार के नए मुख्यमंत्री बनेंगे। शपथ ग्रहण समारोह कल (15 अप्रैल) होने की संभावना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की चर्चा है।
यह बदलाव बिहार में नए युग की शुरुआत माना जा रहा है, क्योंकि 75 साल बाद पहली बार भाजपा अपना मुख्यमंत्री दे रही है।
क्या हुआ आज?
- नीतीश कुमार ने आज अपना अंतिम कैबिनेट बैठक की और मंत्रिमंडल को भंग करने की घोषणा की।
- इसके बाद उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर इस्तीफा सौंप दिया।
- शाम को भाजपा विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया।
- एनडीए की बैठक में भी यह फैसला पुष्टि हो गया।
नीतीश कुमार ने कहा कि नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी नई भूमिका निभाने का फैसला लिया है।
सम्राट चौधरी कौन हैं?
सम्राट चौधरी वर्तमान में बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं। वे कुशवाहा समुदाय से आते हैं और भाजपा में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनके नेतृत्व में बिहार की पहली भाजपा सरकार बनने जा रही है। वे विकास, कानून-व्यवस्था और युवा मुद्दों पर फोकस करने का संकेत दे चुके हैं।
मंत्रिमंडल अपडेट
नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नया मंत्रिमंडल जल्द गठित होगा। अभी पुराना मंत्रिमंडल भंग हो चुका है।
पिछले नीतीश कुमार मंत्रिमंडल (नवंबर 2025) के प्रमुख सदस्य:
- नीतीश कुमार – मुख्यमंत्री
- सम्राट चौधरी – उप मुख्यमंत्री (गृह मंत्रालय)
- विजय कुमार सिन्हा – उप मुख्यमंत्री
- विजय कुमार चौधरी – जल संसाधन, संसदीय कार्य आदि
- विजेंद्र प्रसाद यादव – ऊर्जा, योजना एवं विकास
- मंगल पांडे, दिलीप कुमार जायसवाल, अशोक चौधरी, लेशी सिंह आदि अन्य मंत्री
नए मंत्रिमंडल में भाजपा को ज्यादा संख्या में बर्थ मिलने की संभावना है, क्योंकि भाजपा अब विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है (2025 चुनाव में भाजपा को 89 सीटें मिली थीं, जबकि जद(यू) को 85)।
नए कैबिनेट में जातीय संतुलन, युवा चेहरों और विकासपरक मंत्रियों को प्राथमिकता दिए जाने की उम्मीद है। शपथ ग्रहण के बाद विभागों का बंटवारा होगा।
राजनीतिक महत्व
- यह बिहार में नीतीश कुमार युग का अंत माना जा रहा है। नीतीश कुमार 20 साल से ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहे।
- भाजपा की यह पहली सरकार विकास, रोजगार, उद्योग और कानून-व्यवस्था पर फोकस करेगी।
- विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने इस बदलाव पर सवाल उठाए हैं और कहा कि भाजपा ने नीतीश कुमार को “घोड़ा चढ़ाया लेकिन दुल्हा किसी और को बना दिया”।
आगे क्या?
- कल शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय नेता शामिल हो सकते हैं।
- नई सरकार के पहले 100 दिनों के एजेंडे पर जल्द घोषणा होने की संभावना है।
- बिहार के विकास, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर नई सरकार की प्राथमिकताएं जल्द सामने आएंगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



