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ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में माइन्स बिछाए: विदेशी जहाजों से सुरक्षा के नाम पर नया खतरा

दुबई/तेहरान, 9 अप्रैल 2026 — पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) में समुद्री बारूदी सुरंगें (नेवल माइन्स) बिछा दी हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम विदेशी जहाजों और बाहरी हस्तक्षेप से अपनी सुरक्षा के लिए उठाया गया है, लेकिन अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे वैश्विक तेल व्यापार पर गंभीर खतरा मान रहा है।

घटना का विवरण

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने मार्च 2026 के शुरुआती दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य में करीब एक दर्जन (12) या उससे कम समुद्री माइन्स बिछाए थे। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने छोटी नावों का इस्तेमाल करके ये माइन्स लगाए।

ईरान ने इसे “रक्षा की तैयारी” बताया है। तेहरान का दावा है कि अगर कोई बाहरी ताकत (खासकर अमेरिका या इजरायल) उसके खिलाफ कार्रवाई करती है, तो वह होर्मुज को पूरी तरह बंद कर सकता है। ईरान के पास कुल 5,000 से 6,000 समुद्री माइन्स का स्टॉक होने का अनुमान है।

क्यों बिछाए गए माइन्स?

ईरानी सूत्रों के मुताबिक:

  • होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान की समुद्री सीमा का अहम हिस्सा है।
  • अमेरिका और उसके सहयोगियों के सैन्य जहाजों तथा टैंकरों से खतरे के मद्देनजर यह सुरक्षा उपाय है।
  • हाल के अमेरिका-ईरान संघर्ष और दो सप्ताह के सीजफायर के बावजूद ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि वह होर्मुज पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा।

वैश्विक प्रभाव

  • होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल और बहुत बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस गुजरती है।
  • माइन्स बिछाने से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई टैंकर कंपनियां फिलहाल इस रूट से बच रही हैं।
  • तेल की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं और आगे और उछाल का खतरा है।
  • अमेरिका ने पहले ही ईरान के 16 से ज्यादा माइन बिछाने वाले जहाजों को नष्ट करने का दावा किया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने माइन्स नहीं हटाए तो “ईरान पर पहले कभी न देखे गए स्तर की सैन्य कार्रवाई” हो सकती है।

वर्तमान स्थिति (9 अप्रैल 2026)

दो सप्ताह के सीजफायर के बावजूद तनाव कम नहीं हुआ है। ईरान ने हाल ही में एक चार्ट जारी करके संकेत दिया कि उसने होर्मुज में माइन्स बिछाए थे। हालांकि, सीजफायर के बाद कुछ जहाजों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरने की अनुमति दी जा रही है, लेकिन मुख्य मार्ग अभी भी खतरनाक माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय और तेल निर्यातक देश (सऊदी अरब, UAE आदि) इस स्थिति पर गहरी चिंता जता रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठन ईरान से माइन्स हटाने की अपील कर रहे हैं।

निष्कर्ष

ईरान द्वारा होर्मुज में माइन्स बिछाना न सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा का मुद्दा है, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने वाला कदम है। आस्था या रक्षा के नाम पर उठाए गए ऐसे कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

क्या सीजफायर टिक पाएगा या होर्मुज फिर से युद्ध का मैदान बनेगा? स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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