नई दिल्ली, 9 अप्रैल 2026 — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पर एक विशेष लेख और संदेश के माध्यम से देश को संबोधित किया। उन्होंने विधायी निकायों (लोकसभा और राज्य विधानसभाओं) में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को “समय की मांग” बताया और सभी सांसदों से अपील की कि वे 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र में इस संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पास करें।
पीएम मोदी का मुख्य संदेश
पीएम मोदी ने कहा, “विधायी निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण समय की मांग है। इससे हमारा लोकतंत्र और अधिक जीवंत और समावेशी बनेगा। इसमें कोई देरी करना दुर्भाग्यपूर्ण होगा।”
उन्होंने लिखा कि यह विधेयक महज एक कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। महिलाएं आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, खेल, सशस्त्र बलों और कला सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। अब समय आ गया है कि उन्हें राजनीति और विधायी प्रक्रिया में भी समुचित प्रतिनिधित्व मिले।
प्रमुख बिंदु जो पीएम मोदी ने उठाए:
- 2029 लोकसभा चुनाव और आने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में महिलाओं का आरक्षण लागू होना चाहिए।
- संसद का विशेष तीन दिवसीय सत्र 16 से 18 अप्रैल 2026 तक बुलाया गया है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन करके आरक्षण को प्रभावी बनाने का रोडमैप तय किया जाएगा।
- दक्षिणी राज्यों और कम जनसंख्या वृद्धि वाले राज्यों को आश्वासन दिया कि उनकी संसदीय सीटों में कोई कमी नहीं होगी। लोकसभा की कुल सीटें बढ़ाई जाएंगी और महिलाओं का 33% आरक्षण मौजूदा सीटों के अतिरिक्त होगा।
- सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस मुद्दे को राजनीतिकरण से ऊपर उठाकर राष्ट्रीय हित में एकजुट हों।
- महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से लोकतंत्र मजबूत होगा और देश की प्रगति में नारी शक्ति का योगदान और बढ़ेगा।
संदर्भ और पृष्ठभूमि
2023 में संसद ने महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% आरक्षण देने वाला कानून पास किया था, लेकिन उसकी प्रभावी तारीख जनगणना और परिसीमन (delimitation) के बाद तय की गई थी। अब सरकार इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए संशोधन ला रही है।
पीएम मोदी ने इसे अपने जीवन के सबसे खास अवसरों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को सम्मान और सशक्तिकरण देने का यह कदम भारत की प्रगति की नई दिशा तय करेगा।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दल इस विधेयक के समय और परिसीमन प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। वे दावा कर रहे हैं कि यह दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय कर सकता है। हालांकि, पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि कोई राज्य अपनी सीटें नहीं खोएगा और आरक्षण सभी राज्यों के लिए फायदेमंद होगा।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज का संदेश महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि यह संशोधन पास हो जाता है तो 2029 से लोकसभा में लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से नीतियां अधिक संवेदनशील और समावेशी बनेंगी — यही पीएम मोदी का मुख्य आह्वान है।
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Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




