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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 24वीं किस्त डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से देश भर के किसानों के खातों में डिजिटल रूप से ट्रांसफर की है। प्रमुख बिंदु:कुल हस्तांतरित राशि: प्रधानमंत्री ने 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों के खातों में 18,600 करोड़ रुपये से अधिक (लगभग ₹19,000 करोड़) सीधे जारी किए हैं। प्रति किसान लाभ: प्रत्येक लाभार्थी किसान के बैंक खाते में ₹2,000 की किस्त सीधे क्रेडिट की गई है। विकास परियोजनाओं की सौगात: इस अवसर पर पीएम मोदी ने कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के तहत 521 इकाइयों को राष्ट्र को समर्पित किया और ₹14,000 करोड़ से अधिक की विभिन्न क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। योजना का महत्व:PM-KISAN योजना के तहत केंद्र सरकार पात्र किसानों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में प्रदान करती है। यह राशि किसानों को खेती-किसानी से जुड़े दैनिक खर्चों, बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में सीधी मदद पहुंचाती है। यदि आप अपने खाते का स्टेटस या लाभार्थी सूची जांचना चाहते हैं, तो आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाकर अपना ई-केवाईसी और बैंक खाता लिंकिंग स्टेटस चेक कर सकते हैं।

उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार (30 अक्टूबर 2026) को एक बड़ा सड़क एवं हवाई हादसा घटित हुआ। बदरीनाथ धाम से श्रद्धालुओं को लेकर देहरादून जा रहा एक निजी कंपनी का हेलिकॉप्टर जोशीमठ के पास ‘हाथी पहाड़’ और चायी गांव के निकट पहाड़ी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में सवार सभी 6 लोगों की मौत हो गई है।

दुर्घटना की प्रमुख जानकारी

  • विमान कम्पनी एवं मार्ग: यह हेलिकॉप्टर ‘ट्रांस भारत एविएशन’ (Trans Bharat Aviation) कंपनी का था। इसने बदरीनाथ धाम से उड़ान भरी थी और इसे देहरादून की ओर जाना था।

  • दुर्घटना का स्थान: जोशीमठ घाटी में हाथी पर्वत (हाथी पहाड़) के पास चायी गांव के समीप पहाड़ी से टकराने के बाद हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया।

  • मृतकों की सूची: हादसे में पायलट (दिल्ली निवासी कैप्टन हिमांशु) और कर्नाटक के रहने वाले 5 श्रद्धालु शामिल थे।

हादसे का मुख्य कारण और रेस्क्यू ऑपरेशन

क्षेत्र में पिछले 24 घंटों से जारी तेज बारिश, घने बादलों और धुंध (कम दृश्यता) के कारण यह दुर्घटना घटित हुई। उड़ते समय अचानक हेलिकॉप्टर का संपर्क एटीसी (Air Traffic Control) से टूट गया था।

घटना की सूचना मिलते ही SDRF (राज्य आपदा प्रतिवादन बल), पुलिस, सेना और ITBP के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, बारिश और अंधेरे की वजह से रेस्क्यू टीम को मलबे तक पहुंचने और शवों को बाहर निकालने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया एवं जांच के आदेश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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