उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों (Mission 2027) को ध्यान में रखते हुए बहुजन समाज पार्टी (BSP) अपनी सांगठनिक मशीनरी और कैडर को दुरुस्त करने में पूरी ताकत से जुट गई है। बसपा प्रमुख मायावती की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी व समीक्षा बैठकों के बाद पार्टी ने जमीनी स्तर पर कई बड़े संगठनात्मक फैसले लिए हैं।
बीएसपी बैठकों के मुख्य बिंदु व रणनीतिक फैसले
1. आकाश आनंद की वापसी और रैलियों की शुरुआत
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पुनर्बहाली: पार्टी बैठकों में विस्तृत मंथन के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद पर दोबारा भरोसा जताते हुए उन्हें फिर से पार्टी का नेशनल को-ऑर्डिनेटर (राष्ट्रीय संयोजक) नियुक्त किया।
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तूफानी चुनाव अभियान: बैठकों में तय रणनीति के तहत 28 अक्टूबर से आकाश आनंद का यूपी में तूफानी रैली व जनसभा अभियान शुरू हो गया है (जिसकी पहली बड़ी रैली बुलंदशहर में आयोजित हुई)।
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कैडर संवाद: आकाश आनंद जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं व युवाओं को एकजुट करने के साथ-साथ आगामी चुनावों के लिए संभावित पार्टी प्रत्याशियों के नामों पर भी फीडबैक जुटा रहे हैं।
2. एकला चलो की नीति: अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान
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मायावती ने समीक्षा बैठकों में स्पष्ट निर्देश दिया है कि बसपा बिना किसी बड़े गठबंधन (भाजपा या कांग्रेस-सपा गठबंधन) के सभी आगामी चुनाव पूरी ताकत से अकेले (Independently) लड़ेगी।
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पार्टी ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के मूल सिद्धांत पर लौटते हुए अपने पारंपरिक दलित और पिछड़ा/मुस्लिम भाईचारा समीकरण को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
3. ‘बूथ मजबूत करो’ अभियान व मंडल स्तरीय समीक्षा
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प्रदेश भर के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों, मंडलों और जिला अध्यक्षों के साथ लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में मायावती ने हर पोलिंग बूथ पर 50-50 समर्पित कार्यकर्ताओं की टीम (बूथ कमेटियां) गठित करने के निर्देश दिए हैं।
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मंडल प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फर्जी अफवाहों और विरोधी दलों (भाजपा व सपा) द्वारा रचे जा रहे राजनीतिक षड्यंत्रों से कैडर को सतर्क रखें।
4. कांशीराम जी को ‘भारत रत्न’ देने की मांग
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हालिया बैठकों और महापरिनिर्वाण दिवस के मंच से बसपा नेतृत्व ने केंद्र सरकार से पार्टी संस्थापक मान्यवर कांशीराम को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ प्रदान करने की पुरजोर मांग उठाई है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



