नई दिल्ली:कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक और प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर अपना अकाउंट प्रतिबंधित (Restricted) किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। सौरव दास के अनुसार, इस प्रतिबंध के कारण वे कोई भी नया संदेश (Messages) भेजने में असमर्थ हैं।
एक्स (X) पर जताई नाराजगी, व्हाट्सएप से पूछा- ‘क्या हो रहा है?’
सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी समस्या साझा करते हुए लिखा:
“मेरा व्हाट्सएप अकाउंट प्रतिबंधित कर दिया गया है और मैं कोई भी नया मैसेज भेजने में असमर्थ हूं।”
उन्होंने अपनी पोस्ट में आधिकारिक व्हाट्सएप अकाउंट को टैग करते हुए सवाल उठाया कि आखिर “क्या हो रहा है?” (What’s Happening?)
पूर्व में भी लग चुके हैं डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रतिबंध के आरोप
यह पहला मौका नहीं है जब सौरव दास ने डिजिटल प्लेटफॉर्म या सुरक्षा एजेंसियों को लेकर बयान दिया है। इससे पहले भी वे अपनी डिजिटल निजता, सोशल मीडिया अकाउंट्स और फोन हैकिंग को लेकर गंभीर चिंताएं जता चुके हैं:
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जुलाई 2026 की घटना: इससे पहले जुलाई 2026 में भी उनका व्हाट्सएप अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया था, जिसे बाद में बहाल किया गया था।
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इंस्टाग्राम और प्रदर्शन से जुड़े कंटेंट: उन्होंने मेटा के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भी विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी सामग्री को प्रतिबंधित किए जाने का आरोप लगाया था।
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फोन क्लोनिंग का आरोप: सौरव दास ने दिल्ली पुलिस पर हिरासत के दौरान बिना किसी ज्ञापन के फोन जब्त करने और भविष्य में फर्जी सबूत लगाने के लिए फोन को हैक या क्लोन करने का आरोप भी लगाया था।
अभिव्यक्ति की आजादी और डिजिटल पारदर्शिता पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर डिजिटल संचार माध्यमों की पारदर्शिता, ऑटोमेटेड कंटेंट मॉडरेशन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech) पर बहस छिड़ गई है। राजनीतिक व सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह बिना स्पष्ट कारण के अकाउंट प्रतिबंधित होने से जन-प्रतिनिधियों और नागरिक अधिकारों के कार्यकर्ताओं की आवाज को नुकसान पहुंचता है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




