कोलकाता, 4 सितंबर 2026: पश्चिम बंगाल में इस वर्ष दुर्गापूजा को लेकर तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। 2026 की दुर्गापूजा राज्य के लिए राजनीतिक बदलाव के बाद पहला बड़ा दुर्गोत्सव भी है। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में कई प्रमुख पूजा समितियां नए स्वरूप में सामने आने की तैयारी कर रही हैं। इस वर्ष दुर्गापूजा 16 से 21 अक्टूबर के बीच मनाई जाएगी।
मां दुर्गा की आराधना के साथ सांस्कृतिक उत्सव
पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बंगाली कला, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का बड़ा पर्व माना जाता है। कोलकाता सहित पूरे राज्य में आकर्षक पंडाल, मां दुर्गा की प्रतिमाएं, पारंपरिक ढाक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रोशनी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनते हैं।
इस बार पूजा समितियों की तैयारियों में प्रशासनिक स्तर पर भी विशेष सक्रियता दिखाई जा रही है। सरकार की ओर से पूजा आयोजकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक सफर पर बनेगा विशेष पंडाल
इस वर्ष कोलकाता में एक दुर्गापूजा पंडाल विशेष रूप से चर्चा में है। अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा प्रस्तावित पंडाल का विषय “नंदीग्राम से नबन्ना: बुबाईर जययात्रा” रखा गया है। इसमें सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक सफर को प्रदर्शित करने की योजना है। पंडाल में चित्रों, भित्तिचित्रों, मॉडल, कट-आउट और डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से उनके राजनीतिक जीवन को दिखाया जाएगा।
पंडाल उद्घाटन को लेकर भी उत्सुकता
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव के बाद इस वर्ष कई बड़े दुर्गापूजा आयोजनों में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को आमंत्रित करने की चर्चा है। जिन पूजा समितियों का उद्घाटन पहले पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करती रही थीं, उनमें से कुछ समितियां इस वर्ष नए मुख्यमंत्री को आमंत्रित करने पर विचार कर रही हैं।
जरूरतमंद पूजा समितियों को सहायता
सरकार की ओर से दुर्गापूजा समितियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर भी नई नीति की चर्चा है। सुवेंदु अधिकारी ने संकेत दिया है कि सरकारी मदद को उन आयोजकों तक सीमित किया जा सकता है जिन्हें वास्तव में आर्थिक सहायता की जरूरत है।
भव्य आयोजन के साथ सुरक्षा और व्यवस्था पर जोर
दुर्गापूजा के दौरान कोलकाता और अन्य शहरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में प्रशासन के सामने यातायात, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, बिजली, साफ-सफाई और विसर्जन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




