नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026: भारत ने अपनी रक्षा कूटनीति को नई दिशा देने के लिए अगले 10 वर्षों का रणनीतिक रोडमैप तैयार किया है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ‘RAKSHA’ नामक दस्तावेज जारी किया, जिसमें वैश्विक रक्षा साझेदारियों को मजबूत करने की भारत की दीर्घकालिक रणनीति प्रस्तुत की गई है।
वैश्विक रक्षा साझेदारी पर जोर
‘RAKSHA’ का प्रमुख उद्देश्य भारत की रक्षा कूटनीति को अधिक सक्रिय और रणनीतिक बनाना है। इसके तहत मित्र देशों के साथ द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सुरक्षा सहयोग, संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण और रक्षा क्षमताओं के निर्माण पर जोर दिया गया है।
भारत आने वाले वर्षों में अपने रक्षा सहयोग को केवल हथियारों की खरीद तक सीमित रखने के बजाय सह-विकास, सह-उत्पादन, तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाना चाहता है।
आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग बनेगा बड़ा आधार
रोडमैप में भारत की स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता और रक्षा निर्यात को बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ की भावना के अनुरूप भारत स्वयं को एक विश्वसनीय वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हाल के वर्षों में भारत ने रक्षा उत्पादन और निर्यात बढ़ाने के साथ विदेशी कंपनियों के साथ तकनीकी साझेदारी को भी गति दी है। उदाहरण के तौर पर भारत की Kalyani Strategic Systems और फ्रांस की Thales ने भारत में 70-mm रॉकेट सिस्टम के उत्पादन के लिए औद्योगिक सहयोग समझौता किया है।
हिंद महासागर क्षेत्र पर विशेष फोकस
भारत की रक्षा कूटनीति में हिंद महासागर क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा महत्वपूर्ण प्राथमिकता बनी हुई है। ‘RAKSHA’ के माध्यम से भारत क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
साझेदार देशों के साथ बढ़ेगा सहयोग
नए रोडमैप के तहत संयुक्त अभ्यास, सैन्य प्रशिक्षण, अधिकारियों का आदान-प्रदान, अनुसंधान एवं विकास और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की योजना है। बेल्जियम के साथ हालिया रक्षा वार्ता में भी संयुक्त प्रशिक्षण, अधिकारी आदान-प्रदान, R&D और औद्योगिक सहयोग जैसे क्षेत्रों पर सहमति बनी है।
भारत की बदलती वैश्विक भूमिका
‘RAKSHA’ को भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है जिसमें देश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा में अधिक सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है।
इससे पहले मार्च 2026 में राजनाथ सिंह ने ‘Defence Forces Vision 2047’ भी जारी किया था, जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए तैयार, तकनीकी रूप से उन्नत और अधिक एकीकृत भारतीय सैन्य शक्ति की दिशा तय करना है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




