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MPSC ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक मामला: परीक्षा रद्द, सातवीं रैंक वाली अभ्यर्थी गिरफ्तार; जांच में कई बड़े खुलासे

मुंबई। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-B) भर्ती परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। 22 मार्च 2026 को आयोजित परीक्षा को लेकर सामने आई अनियमितताओं की जांच के बाद आयोग ने पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है। अब मामले में सातवीं रैंक हासिल करने वाली अभ्यर्थी ऋतुजा पाटिल की गिरफ्तारी से जांच को नया मोड़ मिला है।

सातवीं रैंक वाली अभ्यर्थी गिरफ्तार

मुंबई क्राइम ब्रांच ने 1 सितंबर को ऋतुजा पाटिल को नंदुरबार से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, कथित तौर पर उन्हें परीक्षा से पहले प्रश्नों का सेट मिला था। जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि संदेह से बचने के लिए उन्हें सभी प्रश्न सही तरीके से हल नहीं करने की सलाह दी गई थी। अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेजा है।

MPSC के अधिकारियों समेत सात गिरफ्तार

मामले में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार लोगों में MPSC के तीन अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कथित तौर पर गोपनीय प्रश्नों का सेट आयोग से बाहर कैसे पहुंचा और इसमें अन्य लोग या अभ्यर्थी भी शामिल थे या नहीं।

294 सवालों के सेट की जांच

क्राइम ब्रांच की जांच में कथित तौर पर 294 गोपनीय प्रश्नों वाले एक सेट की जानकारी सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि इस सेट को परीक्षा से पहले अलग तरीके से तैयार कर कुछ लोगों तक पहुंचाया गया। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि प्रश्नपत्र या प्रश्नों को अन्य अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया था अथवा नहीं।

भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद रद्द हुई परीक्षा

MPSC ने ड्रग इंस्पेक्टर के 154 ग्रुप-B पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। करीब 44,500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था। परीक्षा के बाद 506 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए योग्य घोषित किया गया और 488 उम्मीदवारों के इंटरव्यू भी हो चुके थे। इसके बाद पेपर लीक की शिकायतों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के आधार पर आयोग ने भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का फैसला लिया।

अब दोबारा होगी परीक्षा

आयोग ने स्पष्ट किया है कि पात्र उम्मीदवारों के लिए नई परीक्षा आयोजित की जाएगी। पुराने उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी और उनसे नई परीक्षा के लिए शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। परीक्षा की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी।

₹50 लाख के दावे की भी जांच

जांच के दौरान सामने आई एक कथित WhatsApp चैट में प्रश्नपत्र के लिए ₹50 लाख के लेनदेन का दावा किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने अभी इस रकम के वास्तविक लेनदेन की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस दावे को फिलहाल जांच का हिस्सा माना जा रहा है, न कि स्थापित तथ्य।

हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर

पेपर लीक के आरोपों के कारण पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द होने से हजारों अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र की गोपनीयता और निष्पक्षता को लेकर उठे इस मामले ने परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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