नई दिल्ली। नेपाल में भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड से मची तबाही के बीच भारत ने मानवीय सहायता और बचाव अभियान तेज कर दिया है। बुधवार, 2 सितंबर 2026 को भारत ने राहत सामग्री की पांचवीं खेप नेपाल भेजी। इस खेप में 5.5 टन आवश्यक दवाएं, विशेष खोज एवं बचाव उपकरण तथा 11 सदस्यीय विशेषज्ञ बचाव दल शामिल है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसकी जानकारी दी।
पांचवां भारतीय विमान नेपाल रवाना
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि पांचवां भारतीय विमान नेपाल के लिए रवाना हो गया है। इसमें विशेष उपकरणों से लैस 11 सदस्यीय बचाव दल के साथ बड़ी मात्रा में आवश्यक दवाएं भेजी गई हैं। इस दल का उद्देश्य कठिन और प्रभावित इलाकों में खोज एवं बचाव अभियान में स्थानीय एजेंसियों की सहायता करना है।
अब तक 68.5 टन राहत सामग्री
पांचवीं खेप के साथ भारत की ओर से नेपाल को भेजी गई कुल राहत सामग्री 68.5 टन हो गई है। इससे पहले भारत कई चरणों में राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और तकनीकी विशेषज्ञों को नेपाल भेज चुका है। चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मियों के अलावा खोज एवं बचाव कार्यों के लिए तकनीकी टीम भी तैनात की गई है।
आपदा के बाद लगातार जारी है राहत अभियान
26 अगस्त को नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है तथा कई स्थानों पर राहत एवं बचाव दलों के लिए पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। भारत की नई सहायता का उद्देश्य प्रभावित लोगों तक आवश्यक चिकित्सा सामग्री पहुंचाने और बचाव अभियानों को मजबूती देना है।
‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत सहायता
नेपाल में आपदा के बाद भारत ने लगातार मानवीय सहायता उपलब्ध कराई है। केंद्र सरकार ने भी 26 अगस्त को कहा था कि भारत संकट की इस घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा है। भारत की राहत गतिविधियां उसके ‘Neighbourhood First’ दृष्टिकोण और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत प्रयासों के अनुरूप आगे बढ़ रही हैं।
भारत-नेपाल संबंधों में मानवीय सहयोग की मिसाल
नेपाल और भारत के बीच लंबे समय से सामाजिक, सांस्कृतिक और जनस्तरीय संबंध रहे हैं। प्राकृतिक आपदा के समय भारत की ओर से लगातार राहत सामग्री और विशेषज्ञ दल भेजे जाने को दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग की महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




