कोलकाता, 31 अगस्त 2026
तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को भारत के चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पार्टी के चुनाव चिह्न (घास का फूल) और पार्टी फंड पर जल्द से जल्द फैसला लेने की जोरदार अपील की है।
क्या है विवाद?
मई 2026 के विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद तृणमूल कांग्रेस में बड़ा विभाजन हो गया था। पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर ममता बनर्जी के गुट और विरोधी गुट (ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में) के बीच विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे और दस्तावेज चुनाव आयोग में जमा कर दिए थे।
चुनाव आयोग को 31 अगस्त तक इस मामले पर फैसला करना था, लेकिन समय सीमा बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
ममता का पत्र
ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संबोधित पत्र में लिखा कि:
- आयोग को इस मामले पर तुरंत फैसला लेना चाहिए।
- पार्टी के असली स्वामित्व, चुनाव चिह्न और फंड पर विलंब से पार्टी की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
- इससे पहले जुलाई में भी उन्होंने आयोग को पत्र लिखकर विरोधी गुट को बार-बार समय बढ़ाने पर आपत्ति जताई थी।
उन्होंने कहा कि इस विवाद का पश्चिम बंगाल की राजनीति पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और इसलिए बिना किसी और देरी के फैसला होना चाहिए।
राजनीतिक महत्व
यह विवाद तृणमूल कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। चुनाव चिह्न और फंड का नियंत्रण किस गुट के पास रहेगा, इससे पार्टी की भविष्य की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती तय होगी। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह मामला लंबे समय तक अटका रहने से ममता गुट के लिए असुविधा का कारण बन रहा है।
ममता बनर्जी ने पहले भी कई मौकों पर चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा अन्य मुद्दों पर भी आयोग से सवाल उठाए हैं।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




