31 अगस्त 2026, किर्गिस्तान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मध्य एशिया की महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान किर्गिस्तान की राजधानी में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से ऐतिहासिक मुलाकात हुई। यह मुलाकात 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के साइडलाइंस पर हुई, जो दोनों देशों के बीच “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” को और मजबूत करने वाली साबित हुई।
मुलाकात का माहौल
दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का गर्मजोशी से स्वागत किया और गले मिलकर मुलाकात की शुरुआत की। बैठक अला-अरचा स्टेट रेजिडेंस के अक्साकल मीटिंग रूम में हुई। यह इस साल दोनों नेताओं की पहली द्विपक्षीय मुलाकात थी। इससे पहले दिसंबर 2025 में दिल्ली में 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों ने मुलाकात की थी।
मुख्य चर्चा के मुद्दे
पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा की, जिनमें शामिल हैं:
- व्यापार और अर्थव्यवस्था: दोनों देशों के बीच व्यापार टर्नओवर में 2026 की पहली छमाही में 2.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ऊर्जा, उर्वरक, नवाचार और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग पर विशेष जोर दिया गया।
- रक्षा और सुरक्षा: रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
- मानवीय और सांस्कृतिक संबंध: रूस में भारतीय छात्रों की संख्या सात गुना बढ़कर 40,000 हो गई है और पर्यटक प्रवाह में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
- बहुपक्षीय मंच: BRICS (जिसकी अध्यक्षता भारत के पास है) और SCO जैसे मंचों पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
यूक्रेन संकट पर पीएम मोदी का शांति संदेश
मुलाकात का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यूक्रेन संकट पर चर्चा था। पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा:
“हर दिन युद्ध में बिताया जाना मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की ओर उठाया गया हर कदम नई आशा और उत्साह भरता है। हमें अंतहीन युद्ध से युद्ध के अंत की ओर बढ़ना होगा। यह मानवता की भलाई के लिए आवश्यक है।”
उन्होंने जोर दिया कि भारत गांधी और बुद्ध की भूमि है और शांति का रास्ता ही एकमात्र समाधान है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत सभी शांति प्रयासों का समर्थन करता है और जारी रखेगा।
पुतिन का रुख
राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी के व्यक्तिगत ध्यान और नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत-रूस संबंध विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी के सिद्धांतों पर लगातार मजबूत हो रहे हैं। पुतिन ने भारत को आगामी BRICS शिखर सम्मेलन (नई दिल्ली में) के लिए आमंत्रित करने पर आभार व्यक्त किया।
यात्रा का व्यापक संदर्भ
पीएम मोदी की यह यात्रा उज्बेकिस्तान से शुरू हुई थी, जहां उन्होंने राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई दी। किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान से भी मुलाकात की। साथ ही, विश्व नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी भाग लिया।
मुलाकात के बाद दोनों नेता एक ही कार में बैठकर नोमैड गेम्स के आयोजन स्थल पहुंचे, जिसे ‘कारपूल डिप्लोमेसी’ के रूप में देखा गया।
यह मुलाकात भारत-रूस संबंधों की मजबूती और वैश्विक शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराती है। बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में पीएम मोदी की यह कूटनीतिक पहल भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और बहुपक्षीय सहयोग की दिशा को मजबूत करती है। दोनों नेताओं के बीच गहरी व्यक्तिगत समझ और रणनीतिक विश्वास भविष्य में सहयोग के नए द्वार खोलने वाला साबित होगा।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




