मॉस्को, 24 अगस्त 2026: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को स्थित क्रेमलिन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु क्षेत्र और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राष्ट्रपति पुतिन को शुभकामनाएं दीं और उनका व्यक्तिगत संदेश भी सौंपा। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और दोनों देश कई क्षेत्रों में मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।
व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर विशेष जोर
बैठक में भारत-रूस व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति, उर्वरक और परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाने के मुद्दे प्रमुख रहे। हाल के वर्षों में दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में तेजी आई है और रूस भारत के महत्वपूर्ण ऊर्जा साझेदारों में शामिल रहा है।
SCO और BRICS को लेकर भी चर्चा
जयशंकर ने पुतिन को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी आगामी SCO शिखर सम्मेलन में उनसे मुलाकात की उम्मीद रखते हैं। इसके बाद भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में भी पुतिन का स्वागत किए जाने की बात कही गई। दोनों नेताओं के बीच भविष्य में वार्षिक शिखर बैठक की संभावनाओं का भी उल्लेख हुआ।
भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी का संदेश
जयशंकर-पुतिन मुलाकात को भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बदलते वैश्विक और भू-राजनीतिक माहौल के बीच दोनों देश आर्थिक, ऊर्जा और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
एसएसएन के लिए प्रमुख संदेश: जयशंकर की मॉस्को यात्रा ने यह संकेत दिया है कि भारत-रूस संबंध केवल पारंपरिक रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और आर्थिक सहयोग के नए क्षेत्रों में भी लगातार विस्तार कर रहे हैं।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




