कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को सोमवार (24 अगस्त 2026) को कलकत्ता हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है। हाईकोर्ट ने नदिया जिले के कृष्णानगर अदालत द्वारा उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर अंतरिम रोक लगा दी है।
जस्टिस देबांग्शु बसाक और जस्टिस आर्यक दत्त की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने 31 अगस्त तक या अगले आदेश तक महुआ मोइत्रा के खिलाफ कोई दंडात्मक या बलपूर्वक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी।
क्या है पूरा मामला?
महुआ मोइत्रा पर महिलाओं का अपमान करने और नफरत फैलाने वाले भाषण देने का आरोप है। इस मामले में कृष्णानगर की तीसरी न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें बार-बार समन भेजा था। पेशी में न आने पर 19 अगस्त को अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था और 28 अगस्त तक वारंट के निष्पादन की रिपोर्ट मांगी थी।
महुआ मोइत्रा ने इस वारंट को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी। उनके वकील अर्को कुमार नाग ने अदालत में दलील दी कि कथित भाषण और शिकायतें सांसद के रूप में दी गई थीं, इसलिए मामले की सुनवाई साल्ट लेक स्थित निर्धारित सांसद/विधायक अदालत में होनी चाहिए। उन्होंने आरोपों को निराधार और तुच्छ भी बताया।
हाईकोर्ट का आदेश
हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाते हुए साफ कहा कि फिलहाल महुआ मोइत्रा के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट 27 अगस्त को शिकायतकर्ता की सुनवाई भी करेगा।
यह राहत महुआ मोइत्रा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे पहले भी धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले कथित बयानों के मामले में हाईकोर्ट से अंतरिम संरक्षण पा चुकी हैं।
महुआ मोइत्रा तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख चेहरा हैं और अक्सर विवादों में रहती हैं। इस मामले में आगे की सुनवाई का इंतजार है।
Author: saryusandhyanews
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