भारत में अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 और सेमीकंडक्टर प्लांट: पीएम मोदी का बड़ा ऐलान
नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को लेकर बड़ा लक्ष्य सामने रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में अगले 7 से 8 वर्षों में 5 से 8 और सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत में तीन सेमीकंडक्टर प्लांटों में उत्पादन शुरू हो चुका है और इनसे चिप निर्माण के क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता को नई गति मिली है। उन्होंने सेमीकंडक्टर को आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था की बुनियादी जरूरत बताते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरणों, परिवहन और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों में चिप की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
चिप निर्माण में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र को आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत@2047 की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। भारत लंबे समय तक चिप की जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर रहा है। घरेलू उत्पादन बढ़ने से भविष्य में वैश्विक सप्लाई-चेन में भारत की भूमिका मजबूत होने की उम्मीद है।
5 से 8 नए प्लांटों से बढ़ेगी क्षमता
प्रधानमंत्री के अनुसार आने वाले 7-8 वर्षों में 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट सामने आ सकते हैं। हालांकि, उनके संबोधन में इन प्रस्तावित संयंत्रों के सभी स्थान, कंपनियों और निवेश की विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं कराई गई।
इन नए संयंत्रों से भारत में चिप निर्माण और उससे जुड़े पैकेजिंग, परीक्षण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के पूरे इकोसिस्टम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
दुनिया के लिए रणनीतिक क्षेत्र
पीएम मोदी ने संकेत दिया कि सेमीकंडक्टर केवल एक औद्योगिक उत्पाद नहीं, बल्कि आधुनिक अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय रणनीतिक क्षमता का महत्वपूर्ण आधार है। डिजिटल उपकरणों से लेकर वाहनों और चिकित्सा तकनीक तक, लगभग हर आधुनिक क्षेत्र में चिप की जरूरत होती है।
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगी नई ताकत
सेमीकंडक्टर उत्पादन का विस्तार मेक इन इंडिया, स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी गति दे सकता है। घरेलू चिप उत्पादन बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, मोबाइल और ऑटोमोबाइल उद्योग सहित कई क्षेत्रों को देश में ही महत्वपूर्ण कंपोनेंट उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
भारत की टेक्नोलॉजी शक्ति की ओर बड़ा कदम
प्रधानमंत्री का यह ऐलान भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। तीन संयंत्रों में उत्पादन शुरू होने के बाद 5-8 अतिरिक्त संयंत्रों की संभावित स्थापना भारत की चिप निर्माण क्षमता को अगले स्तर पर ले जा सकती है।
लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश स्पष्ट रहा कि विकसित भारत के निर्माण में तकनीकी आत्मनिर्भरता अहम भूमिका निभाएगी। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 नए प्लांटों की संभावना भारत के लिए रोजगार, निवेश, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और रणनीतिक तकनीकी क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
— Saryu Sandhya News (SSN) विशेष रिपोर्ट
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




