जकार्ता, 15 अगस्त 2026। इंडोनेशिया में शनिवार को एक ही दिन में दो शक्तिशाली भूकंपों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। पूर्वी इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र में आए पहले शक्तिशाली भूकंप के बाद शनिवार देर रात उत्तरी सुमात्रा में 6.9 तीव्रता का दूसरा बड़ा भूकंप दर्ज किया गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार दूसरे भूकंप का केंद्र पेमातांगसियानतार के पास था और इसकी गहराई लगभग 183 किलोमीटर थी। इस दूसरे भूकंप के बाद तत्काल सुनामी चेतावनी जारी नहीं की गई।
पहले भूकंप ने मचाई भारी तबाही
इससे पहले फ्लोरेस क्षेत्र में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसने पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में भारी तबाही मचाई। इमारतें और मकान क्षतिग्रस्त हुए, भूस्खलन से सड़कें बाधित हुईं और कई इलाकों में बिजली तथा संचार सेवाएं प्रभावित हुईं। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
6.9 तीव्रता का दूसरा भूकंप
दूसरा भूकंप उत्तरी सुमात्रा क्षेत्र में आया। USGS के अनुसार इसका केंद्र पेमातांगसियानतार से करीब 126 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था और इसकी गहराई लगभग 183 किलोमीटर रही। शुरुआती जानकारी में इस भूकंप से बड़े पैमाने पर नुकसान या सुनामी की पुष्टि नहीं हुई है।
हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे
पहले भूकंप के बाद तटीय इलाकों में सुनामी की आशंका के चलते हजारों लोगों ने ऊंचे स्थानों की ओर रुख किया। अधिकारियों ने बाद में सुनामी चेतावनी हटा दी। रिपोर्टों के मुताबिक फ्लोरेस क्षेत्र में कई आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए।
परमाणु रिएक्टर को लेकर स्थिति
सोशल मीडिया पर दूसरे भूकंप को लेकर परमाणु रिएक्टर अथवा परमाणु संयंत्र को नुकसान पहुंचने के दावे भी सामने आ सकते हैं, लेकिन उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में किसी परमाणु रिएक्टर को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस संबंध में अपुष्ट दावों को तथ्य के रूप में प्रकाशित करना उचित नहीं होगा।
‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है इंडोनेशिया
इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां आम हैं। आज के लगातार आए शक्तिशाली झटकों ने एक बार फिर इस क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को सामने ला दिया है।
इंडोनेशिया में 15 अगस्त 2026 को आए दो बड़े भूकंपों ने प्रशासन और राहत एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। पहले 7.7 तीव्रता के भूकंप ने पूर्वी इंडोनेशिया में भारी नुकसान किया, जबकि बाद में उत्तरी सुमात्रा में 6.9 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया। फिलहाल दूसरे भूकंप के संबंध में किसी परमाणु रिएक्टर को नुकसान पहुंचने की विश्वसनीय पुष्टि नहीं है। राहत और बचाव अभियान जारी है तथा अधिकारी आफ्टरशॉक्स और संभावित जोखिमों पर निगरानी रख रहे हैं।
Saryu Sandhya News (SSN) विशेष रिपोर्ट
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



