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उत्तर प्रदेश में जेल सुधार: सुधार और पुनर्वास का नया अध्याय

उत्तर प्रदेश की जेलें अब सिर्फ बंदियों को रखने की जगह नहीं रह गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के प्रयासों से जेल प्रशासन में बड़ा बदलाव आया है। ओवरक्राउडिंग कम हुई है, नई जेलें बन रही हैं और बंदियों के सुधार व कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है। यह जेल सुधार का नया अध्याय कहा जा सकता है।

ओवरक्राउडिंग में भारी कमी

वर्ष 2017 में प्रदेश की 70 जेलों में क्षमता 58,400 थी, जबकि बंदियों की संख्या करीब 96,000 थी। ओवरक्राउडिंग दर 1.77 थी। अब 77 जेलों की क्षमता बढ़कर 77,673 हो गई है और बंदियों की संख्या लगभग 79,782 है। ओवरक्राउडिंग दर घटकर 1.03 रह गई है। सरकार का लक्ष्य इस साल अंत तक इसे पूरी तरह समाप्त करना है। अमेठी, महोबा, हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर और हापुड़ में नई जेलें बन रही हैं, जिनसे 6,000 से अधिक बंदियों की अतिरिक्त क्षमता बढ़ेगी।

नई जेलों का निर्माण

कानपुर नगर, मुरादाबाद, औरैया, ललितपुर और भदोही में नई जिला जेलों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इन पर 1,400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। ये जेलें शहर से दूर बनाई जा रही हैं, ताकि बेहतर सुरक्षा और सुविधाएं सुनिश्चित हो सकें।

कन्विक्ट वार्डर सिस्टम

अगस्त 2026 में प्रदेश की सेंट्रल जेलों में “कन्विक्ट वार्डर” व्यवस्था शुरू की गई। अच्छी चाल-चलन वाले 125 बंदियों को चुना गया है, जो जेल गार्डों की मदद करेंगे। वे बैरक निगरानी, अनुशासन बनाए रखने और आंतरिक व्यवस्था में सहयोग करेंगे। इन्हें लाल यूनिफॉर्म, अतिरिक्त सुविधाएं और कुछ विशेषाधिकार दिए गए हैं। यह बंदियों में जिम्मेदारी और सुधार की भावना बढ़ाने का प्रयास है।

ओपन जेल और कौशल विकास

मुख्यमंत्री ने छोटे अपराधियों के लिए ओपन जेल मॉडल पर जोर दिया है। जेलों को सुधार, पुनर्वास और कौशल विकास के केंद्र बनाने का निर्देश दिया गया है। “वन जेल-वन प्रोडक्ट” योजना के तहत बंदियों को उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि रिहाई के बाद वे स्वावलंबी बन सकें।

अन्य महत्वपूर्ण सुधार

  • समयपूर्व रिहाई: ई-प्रिजन मॉड्यूल से प्रक्रिया ऑनलाइन और तेज हो रही है। पात्र बंदियों की फाइलें स्वतः शुरू होती हैं।
  • मुआवजा नीति: जेल में अप्राकृतिक मौत की स्थिति में परिवार को 3 से 5 लाख रुपये मुआवजे का प्रावधान।
  • जेल मैनुअल संशोधन: जाति-आधारित भेदभाव खत्म करने के लिए मैनुअल में बदलाव।
  • सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई गई है।

सरकार का विजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि जेल सिर्फ कैद की जगह नहीं, बल्कि सुधार और समाज में वापसी का केंद्र होनी चाहिए। आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और सुधारात्मक गतिविधियों से जेलों को नई पहचान दी जा रही है।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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