मुंबई, 8 अगस्त 2026: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को मुंबई में नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनयूसीएफडीसी) के नए कार्यालय परिसर का उद्घाटन किया। साथ ही बीएसई इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में ‘सहकार नव-क्रांति’ कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) को आधुनिक, पारदर्शी, सुरक्षित और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू कीं।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, मुरलीधर मोहोळ, महाराष्ट्र के सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
क्या-क्या हुआ उद्घाटन में?
अमित शाह ने एनयूसीएफडीसी के शारदा सदन (फोर्ट, मुंबई) स्थित नए कार्यालय का उद्घाटन किया। उन्होंने शहरी सहकारी बैंकों के लिए सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (SOC) का रिमोट से उद्घाटन किया। साथ ही ‘बैंक इन ए बॉक्स’ सेवा और सहकार कोर बैंकिंग सेवा (CBS) का शुभारंभ किया गया। एनयूसीएफडीसी और नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) के बीच साइबर सुरक्षा और डिजिटल फॉरेंसिक सहयोग के लिए एमओयू भी हुआ।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि देश में लगभग 1,400 शहरी सहकारी बैंक हैं, जिनमें करीब 6 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि है। इनमें से 690 बैंक पहले ही एनयूसीएफडीसी के सदस्य बन चुके हैं। उन्होंने बाकी बैंकों से एक साल के अंदर जुड़ने की अपील की।
मुख्य घोषणाएं और संदेश
- तकनीक और पारदर्शिता जरूरी: अमित शाह ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में तकनीक, पारदर्शिता और आधुनिक ग्राहक सेवाएं अब विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत हैं। छोटे से छोटे एक शाखा वाले बैंक को भी कोर बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, क्लाउड सुविधाएं और 24×7 साइबर निगरानी बेहद कम लागत पर उपलब्ध कराई जाएगी।
- आरबीआई के साथ बदला नजरिया: उन्होंने आरबीआई और सहकारी बैंकों के बीच पुरानी मानसिकता बदलने की बात कही। आरबीआई ने शाखा खोलने के नियमों में छूट दी है, डोरस्टेप बैंकिंग, डिमांड ड्राफ्ट और लाइफ सर्टिफिकेट जैसी सेवाएं देने की अनुमति दी है तथा एक विशेष नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया है।
- मुख्यालय महाराष्ट्र में: एनयूसीएफडीसी का मुख्यालय दिल्ली से महाराष्ट्र स्थानांतरित किया जाएगा। महाराष्ट्र में अकेले 449 शहरी सहकारी बैंक हैं।
- स्वरोजगार और समृद्धि: शाह ने कहा कि सहकारी बैंक स्वरोजगार बढ़ाने और आम आदमी को समृद्ध बनाने का मजबूत तंत्र बन सकते हैं। उन्होंने अमूल का उदाहरण दिया, जिसका टर्नओवर 1.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
‘सहकार से समृद्धि’ की दिशा में बड़ा कदम
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर साइबर हमलों और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव में मदद करेगा। ‘बैंक इन ए बॉक्स’ के जरिए छोटी बैंकें भी बड़े बैंकों जैसी आधुनिक सुविधाएं पा सकेंगी।
अमित शाह ने जोर दिया कि शहरी सहकारी बैंक देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अब जरूरत है कि सभी बैंक तकनीक अपनाएं, पारदर्शिता बढ़ाएं और ग्राहकों का भरोसा और मजबूत करें।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




