लखनऊ, 9 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित शताब्दी समारोह में भाग लिया। उन्होंने काकोरी शहीद स्मारक पर पहुंचकर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत युवाओं के साथ तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री आवास (5, कालिदास मार्ग) से विधान भवन तक तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। इस यात्रा में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और हजारों युवा शामिल हुए। यात्रा के बाद वे काकोरी शहीद स्मारक पहुंचे।
कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ और ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ नामक पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया गया। साथ ही क्रांतिकारियों और वीर सैनिकों के परिवारों का सम्मान किया गया।
योगी का संबोधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन कोई डकैती नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए क्रांतिकारियों का साहसिक कदम था। अंग्रेजों ने इसे डकैती कहा, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि आजादी के बाद सत्ता संभालने वालों ने भी इसे काकोरी डकैती केस नाम देकर क्रांतिकारियों का अपमान किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि मोदी सरकार ने इसे ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ नाम देकर शहीदों को सम्मान दिया। योगी ने राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, ठाकुर रोशन सिंह, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और वीर सावरकर जैसे क्रांतिकारियों को नमन किया।
सीएम ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का अपमान करने वालों को भारत में रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ‘राष्ट्र प्रथम’ के मंत्र को अपनाएं और हर घर तिरंगा फहराएं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
9 अगस्त 1925 को हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के क्रांतिकारियों ने काकोरी के पास ट्रेन रोककर अंग्रेजी खजाना लूटा था। इस घटना में राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान समेत कई क्रांतिकारियों ने भाग लिया था। बाद में कई क्रांतिकारियों को फांसी दी गई।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



