पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पिछले दो दिनों में भयंकर हिंसा हुई है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 30 से अधिक नागरिक मारे गए और दर्जनों घायल हो गए।
JAAC पिछले कई हफ्तों से महंगाई, बिजली के बढ़े हुए बिल, बेरोजगारी और राजनीतिक अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही थी। स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान संगठन ने लॉन्ग मार्च निकाला था, जो रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर जा रहा था।
पाकिस्तानी सेना, रेंजर्स और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर घातक बल का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट्स के अनुसार:
- दो दिनों में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई।
- इनमें JAAC के केंद्रीय समिति सदस्य उमर नजीर के भाई उस्मान नजीर भी शामिल हैं।
- कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
- सुरक्षा बलों ने लाशें हटाईं और संचार सेवाएं बाधित कर दीं।
JAAC ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से स्वतंत्र जांच की मांग की है। संगठन का आरोप है कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर जानबूझकर फायरिंग की गई।
PoK में पिछले एक महीने से ज्यादा समय से असंतोष व्याप्त है। लोग महंगाई, प्रशासनिक उपेक्षा और पाकिस्तान द्वारा थोपी गई नीतियों के खिलाफ सड़कों पर हैं। पाकिस्तानी सरकार ने JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था।
भारत सरकार ने PoK में हो रहे चुनावों को पाकिस्तान के अवैध कब्जे को छुपाने का प्रयास बताया है और वहां मानवाधिकार उल्लंघनों पर चिंता जताई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना की निंदा हो रही है। कई संगठनों ने पाकिस्तान से बल प्रयोग रोकने और स्वतंत्र जांच की मांग की है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने भारतीय सेना से मदद की अपील भी की है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




