नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट (NEET) परीक्षा में बार-बार हो रही अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं के मद्देनजर परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया है। हालिया घटनाक्रम में पीएम मोदी स्वयं इस मुद्दे की निगरानी कर रहे हैं और सख्त कार्रवाई तथा दीर्घकालिक सुधारों के निर्देश दिए हैं।
हालिया पृष्ठभूमि
2026 में नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक की शिकायतों के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। छात्रों में भारी नाराजगी फैली और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुए। इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों के हितों को सर्वोपरि बताते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि पेपर लीक “घोर पाप” है और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।
पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और पेपर लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कानून लाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुधारों की दिशा में कदम
शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़े बदलाव किए गए हैं। इनमें शामिल हैं:
- कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT): 2027 से नीट-यूजी पूरी तरह ऑनलाइन मोड में होगी। OMR शीट का इस्तेमाल बंद कर दिया जाएगा।
- NTA का पुनर्गठन: कई अधिकारियों को हटाया गया और नई टीम तैनात की गई।
- सुरक्षा व्यवस्था मजबूत: बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, मोबाइल जैमर और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल बढ़ाया गया।
- राज्य समन्वय समितियां: राज्यों को परीक्षा आयोजन में सक्रिय भूमिका दी गई।
पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति की अधिकांश सिफारिशें लागू की जा चुकी हैं या लागू होने की प्रक्रिया में हैं।
पीएम मोदी की प्रत्यक्ष निगरानी
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं नीट परीक्षा की तैयारियों और सुधारों पर नजर रख रहे हैं। गृह मंत्रालय और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर परीक्षा को फुलप्रूफ बनाने के प्रयास चल रहे हैं।
सरकार का जोर छात्रों का एक साल बर्बाद न होने देने और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाने पर है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST




