नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को उन आलोचकों पर निशाना साधा जिन्होंने उनके 26 दिन के अनशन तोड़ने को लेकर ‘सरकार से डील’ के आरोप लगाए। अस्पताल के बिस्तर से जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने पूछा, “26 दिन की भूख के बाद क्या मुझे अभी भी अपनी ईमानदारी साबित करने की जरूरत है?”
वांगचुक ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “AFTER 26 DAYS OF HUNGER DO I NEED TO PROVE MY SINCERITY !!!” उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे पूरा 22 मिनट का वीडियो उनके यूट्यूब चैनल पर देखें और फिर निष्कर्ष निकालें।
वीडियो में उन्होंने कहा कि सुबह से कई लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं या पोस्ट दिखा रहे हैं, जिनमें सवाल उठाए जा रहे हैं कि उन्होंने अनशन क्यों सिर्फ केंद्रीय मंत्रियों के माध्यम से तोड़ा, किसी और के हाथों क्यों नहीं, क्या कोई सौदा हुआ। उन्होंने जवाब में कहा, “क्या मुझे अब किसी से चरित्र प्रमाण पत्र लेना होगा कि मेरा अनशन कितना पवित्र था?”
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि अगर कोई सौदा करना होता तो क्या 26 दिन तक भूखे रहना पड़ता। उन्होंने कहा कि वे दिल्ली की गर्मी में सड़क किनारे बैठकर अनशन कर रहे थे, न कि किसी एयर-कंडीशंड कमरे में। उन्होंने शरीर का वजन लगभग 11 किलोग्राम घटने और लद्दाख की ठंड से आकर दिल्ली की तपिश में यह सब करने का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि गुरुवार रात को केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह से बातचीत के बाद लिखित आश्वासन मिलने पर उन्होंने अनशन समाप्त किया। आश्वासनों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने, पेपर लीक के कारण मारे गए छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और शिक्षा व्यवस्था पर संसद में चर्चा शामिल थी।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



