नई दिल्ली, 24-25 जुलाई 2026
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में मुंबई पुलिस को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की एक विशेष एनआईए अदालत (पटियाला हाउस कोर्ट) ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को मुंबई पुलिस की हिरासत में सौंपने की अर्जी खारिज कर दी है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने 22 जुलाई को यह आदेश दिया। कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें अनमोल बिश्नोई को तिहाड़ जेल से बाहर ले जाने पर रोक लगाई गई है। कोर्ट ने साफ कहा कि एमएचए के आदेश को देखते हुए आरोपी की भौतिक हिरासत मुंबई पुलिस निरीक्षक अरुण थोराट को नहीं सौंपी जा सकती।
अनमोल बिश्नोई नवंबर 2025 में अमेरिका से निर्वासित होने के बाद दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं। वे बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के मुख्य वांछित आरोपियों में से एक हैं। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से इस हत्या की योजना बनाई थी।
मुंबई की विशेष मकोका अदालत ने पहले मुंबई पुलिस को अनमोल समेत फरार आरोपियों की पेशी सुनिश्चित करने के लिए कानूनी कदम उठाने का निर्देश दिया था। इसके बाद मुंबई पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची और पटियाला हाउस कोर्ट में हिरासत की मांग की, जिसे खारिज कर दिया गया।
इस बीच मुंबई पुलिस ने अन्य दो फरार आरोपियों—मोहम्मद यासीन अख्तर उर्फ जीशान अख्तर और शुभम लोनकर उर्फ शुभू—के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की जानकारी दी है।
बाबा सिद्दीकी, पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता, 12 अक्टूबर 2024 को मुंबई के बांद्रा ईस्ट में अपने बेटे जीशान सिद्दीकी के ऑफिस के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अब तक कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
Author: saryusandhyanews
SENIOR JOURNALIST



