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हाथ के ऑपरेशन के दौरान युवक की मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर नशे में सर्जरी करने का लगाया आरोप-अपराध खबर, टीम एसएसएन

कृष्णानगर के निजी अस्पताल में हुई घटना के बाद हंगामा, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

लखनऊ। (दिनांक 17 से आज तक की घटना) कृष्णानगर थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में हाथ के ऑपरेशन के दौरान एक युवक की मौत के बाद हड़कंप मच गया। मृतक के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों का दावा है कि ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर कथित तौर पर नशे की हालत में थे और उनकी लापरवाही के कारण युवक की जान चली गई।

मामले में मृतक के भाई राहुल सोनकर ने कृष्णानगर थाने में तहरीर देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ऑपरेशन से पहले जांच में फिट बताया गया था मरीज

रायबरेली के आस्तिक नगर, बरई का पुरवा निवासी राहुल सोनकर के अनुसार उनके भाई लालजी सोनकर को मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे हाथ के ऑपरेशन के लिए कृष्णानगर स्थित सत्यार्थ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने दोपहर करीब 3 बजे ऑपरेशन का समय तय किया था।

परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन से पहले मरीज की आवश्यक चिकित्सकीय जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट सामान्य आने के बाद डॉक्टरों ने उसे सर्जरी के लिए फिट बताया था।

परिजनों ने डॉक्टर के व्यवहार पर उठाए सवाल

राहुल सोनकर का आरोप है कि ऑपरेशन थिएटर में ले जाने से पहले परिजनों से कंसेंट फॉर्म पर हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद देर शाम करीब 8:30 बजे डॉक्टर विनय त्रिपाठी ने परिजनों को मरीज की हालत गंभीर होने की जानकारी दी।

परिजनों का आरोप है कि इसके बाद मरीज को स्ट्रेचर के माध्यम से आईसीयू ले जाया गया। इसी दौरान डॉक्टर के व्यवहार और हावभाव को लेकर परिजनों ने सवाल उठाए और आरोप लगाया कि डॉक्टर नशे की हालत में प्रतीत हो रहे थे। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ऑपरेशन के दौरान मौजूद डॉक्टरों की भूमिका पर भी सवाल

परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर विनय त्रिपाठी के साथ डॉक्टर आशीष यादव और डॉक्टर सुमन शेखर भी मौजूद थे। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि घटना के बाद अस्पताल संचालक और अन्य जिम्मेदार लोगों ने डॉक्टर को वहां से भेज दिया और उनका मोबाइल फोन भी बंद करा दिया गया।

इन सभी आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस जांच में जुटी, सीएमओ कार्यालय की रिपोर्ट का इंतजार

अलमबाग क्षेत्र की सीएमएस चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रिद्धि मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस सीएमओ कार्यालय की रिपोर्ट और प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मामले की आगे की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल प्रबंधन कैमरे के सामने आने से बचता नजर आया

(समाचार अपडेट)घटना को लेकर मीडिया टीम ने अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन की ओर से कैमरे के सामने आकर पूरे मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से परहेज किया गया। अस्पताल की ओर से कोई स्पष्ट सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।

फिलहाल पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत के पीछे चिकित्सकीय लापरवाही थी या कोई अन्य चिकित्सकीय कारण। मामले में लगाए गए सभी आरोपों की जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

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Author: saryusandhyanews

SENIOR JOURNALIST

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